देहरादून, जेएनएन। वरिष्ठ नागरिकों को सम्मोहित कर ठगी करने वाले दो शातिरों में से एक को वसंत विहार पुलिस ने मेरठ से गिरफ्तार कर लिया। उसका दूसरा साथी अभी फरार है। दोनों ने नौ दिन के भीतर ठगी की दो वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी। 

गिरफ्तार आरोपित के पास से एक सोने का कंगन, एक अंगूठी और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद कर ली गई है। फरार आरोपित की तलाश में टीम मेरठ से लेकर दिल्ली व एनसीआर में दबिश दे रही है। 

एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि ओएनजीसी से रिटायर्ड जेपी जैन निवासी चमन विहार, पटेलनगर किसी काम से गोविंदगढ़ आए थे। दोपहर में वह जीएमएस रोड होते हुए घर लौट रहे थे। रास्ते में स्कूटी सवार दो युवकों ने उन्हें रोका। दोनों युवकों ने उनके पैर छुए, इसके बाद एक युवक वहां से आगे निकल गया। 

दूसरे युवक ने जैन से कहा कि वह मोबाइल की दुकान खोलने जा रहा है। आपके आशीर्वाद से अमीर बन गया हूं। युवक ने उन्हें मोबाइल का डिब्बा पकड़ाते हुए कहा कि यह उनके लिए गिफ्ट है। इस दौरान उसने उंगली में पहनी अंगूठी निकालते हुए कहा कि वह उन्हें इससे बड़ी अंगूठी देगा। 

युवक अंगूठी लेकर स्कूटी से आगे चलने लगा और जैन को पीछे आने के लिए कहा। थोड़ी दूर चलने के बाद युवक स्कूटी लेकर फरार हो गया। जैन ने जब डिब्बा खोला तो उसमें फोन के साइज का कांच का टुकड़ा रखा हुआ था। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की पता चला कि स्कूटी का नंबर मेरठ का है। 

पता चला कि स्कूटी वसीम पुत्र इस्माइल निवासी घासमंडी कस्बा लाबड़, इचौली, मेरठ के नाम से पंजीकृत है। वसीम को पुलिस ने मेरठ से उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वारदात में उसके साथ मो. अमान पुत्र सलाऊद्दीन निवासी ग्राम चोपला कस्बा लाबड़ इचौली, मेरठ भी शामिल था। मगर अमान घर से फरार मिला। वसीम ने पूछताछ में बताया कि दोनों ने तीन नवंबर को वृद्ध महिला माया सिंह निवासी इंद्रानगर से भी इसी तरह सम्मोहित सोने के कंगन ठगे थे। 

दिल्ली में सीखा ठगी का तरीका 

पांचवीं तक पढ़े वसीम ने बताया कि तीन साल पहले वह फेरी लगाने दिल्ली चला गया। वहां सोनू मलिक नाम के युवक से मुलाकात हुई। उससे ठगी का तरीका सीखने के बाद मेरठ आ गया। यहां अमान को यह बात बताई तो वह साथ देने को तैयार हो गया। अमान की देहरादून में ससुराल है। 

अमान ने ही बताया कि यहां रिटायर लोग अधिक रहते हैं, उन्हें ठगना आसान है। उसकी बातों में आकर वह देहरादून आया। यहां तीन नवंबर को तीन-चार लोगों को ठगने की कोशिश की, लेकिन केवल माया ही उसकी बातों में आई। वहीं, सोमवार को भी तीन-चार लोगों को ठगने का प्रयास किया था, मगर स्कूटी सवार बुजुर्ग को ही ठगने में कामयाब हुए। 

रविवार को करते थे टारगेट 

दोनों ने देहरादून शहर को समझने के बाद तय किया कि रविवार को वारदात अंजाम देना आसान है। लिहाजा दोनों यहां शनिवार को आते थे। कोतवाली क्षेत्र के होटल शिवा में कमरा लेकर रुक जाते। रविवार को पूरे दिन शिकार ढूंढते, जब किसी को ठग लेते तो स्कूटी से ही मेरठ निकल जाते थे। 

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अनजान शख्स की बातों में ना आएं 

एसपी सिटी श्वेता चौबे के मुताबिक, राह चलते यदि कोई अंजान शख्स मिले और वह चिकनी-चुपड़ी बातें करे तो सतर्क हो जाएं। यह ठग इस तरह से मीठी बातें करते हैं कि सामने वाले को लगता है कि वह उनका कितना पुराना परिचित है। ऐसे में सावधान रहें और यदि कोई संदिग्ध टकराता है तो तुरंत शोर मचाएं। इससे वह ठगे जाने से बच सकते हैं। फिलहाल फरार अमान की तलाश की जा रही है।

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