पुलिस के वन वे ट्रैफिक ट्रायल से लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी Dehradun News
पुलिस के वन-वे ट्रैफिक ट्रायल के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों घंटाघर और दर्शनलाल चौक पर लोगों को कई बार जाम की समस्या से जूझना पड़ा।
देहरादून, जेएनएन। पुलिस के वन-वे ट्रैफिक ट्रायल का असर मिलाजुला रहा। ट्रायल के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों घंटाघर और दर्शनलाल चौक पर लोगों को कई बार जाम की समस्या से जूझना पड़ा। हालांकि, इसकी एक वजह लोगों को ट्रायल की जानकारी न होना भी रहा। वहीं, अन्य क्षेत्रों में ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहा। खासकर गांधी पार्क, परेड ग्राउंड, सर्वे चौक, एस्लेहॉल चौक पर कोई समस्या नहीं आई। ऐसे में पुलिस इस ट्रायल को सफल मान रही है, जबकि जनता की प्रतिक्रिया इसको लेकर मिलीजुली रही।
इस माह के अंत में शहर में स्मार्ट सिटी के तहत कई जगह निर्माण कार्य शुरू होने है। इसके चलते घंटाघर से दिलाराम चौक तक, आराघर से ईसी रोड तक, अग्रसेन चौक से प्रिंस चौक तक और हरिद्वार रोड पर खुदाई की जाएगी। इस दौरान यातायात सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए पुलिस ने शहर के कई मार्गों को वन-वे करने की योजना बनाई है। जिसका ट्रायल बीते रोज किया गया।
इसके लिए पुलिस अधिकारी और कर्मचारी ट्रायल की तैयारियों में जुटे रहे। शाम होते ही पुलिस ने घंटाघर, ओरिएंट चौक, दर्शनलाल चौक, लैंसडौन चौक, बुद्धा चौक, दून चौक पर साइन बोर्ड लगाकर दर्शनलाल चौक के आसपास डिवाइडर उखाड़ दिए। सुबह जब लोग वाहन लेकर निकले तो सड़कों की सूरत देखकर हैरान रह गए। हालांकि, डीआइजी ने लोगों को रूटों की जानकारी देने के लिए हर चौराहे पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की हुई थी।
ट्रायल के दौरान राजपुर रोड पूरी तरह वन-वे रही। सड़क के एक ओर राजपुर की तरह जाने वाला यातायात चल रहा था तो दूसरी तरफ से सर्वे चौक, दर्शनलाल चौक, लैंसडौन चौक की ओर जाने वाले वाहन गुजारे जा रहे थे। यहां जानकारी के अभाव में लोगों की चकरघिन्नी बनी रही। दर्शनलाल चौक और लैंसडौन चौक की ओर जाने वाले लोग राजपुर रोड पर मुड़ने की बजाय दूसरे रूट में घुस रहे थे। इस कारण घंटाघर चौक पर बार-बार जाम की स्थिति बन रही थी। हालांकि, इसके आगे सिर्फ दर्शनलाल चौक को छोड़कर तकरीबन सभी जगह हालात सामान्य रहे। दर्शनलाल चौक पर भी लोग असमंजस के कारण दूसरी लेन में घुस जा रहे थे। यहां भी बार-बार जाम लगता रहा।
ये रहे ट्रायल के परिणाम
-लोग असमंजस में थे, पुलिस को उन्हें समझाने में दिक्कते आईं।
-काफी दिनों बाद रविवार को चटख धूप खिली। दोपहर बाद लोग परिवार के साथ घूमने निकलने, जिस कारण अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ अधिक थी।
-शहर में चलने वाले विक्रम बुद्धा चौक में रोके गए, जिस कारण लोगों को परेड ग्राउंड तक जाने में दिक्कत हुई।
पुलिस देर रात तक लेती रही फीडबैक
वन-वे ट्रायल के दौरान किस चौराहे पर ट्रैफिक की स्थिति कैसी रही, इसको लेकर पुलिस देर रात तक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारी से फीडबैक लेती रही। फीडबैक में पूछा गया कि ट्रायल के दौरान कहां कमियां रह गईंऔर कहां पर सुधार की जरूरत है।
वर्किंग डे पर पता लगेगी वास्तविकता
रविवार को पुलिस ने वनवे का ट्रायल तो लिया, लेकिन इस दिन यातायात का दबाव आम दिनों की अपेक्षा तकरीबन 60 फीसद कम होता है। इसलिए इस ट्रैफिक प्लान का सही आंकलन वर्किंग डे पर ट्रायल लेने के बाद ही लग पाएगा।
दो-तीन दिन में फिर करेंगे ट्रायल
डीआइजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि वनवे ट्रायल में जो कमियां सामने आईं, उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। इन कमियों को दूर कर दो या तीन दिन में बेहतर ढंग से वनवे ट्रायल लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दर्शनलाल चौक में बॉटल नेक वाली स्थिति है। पुलिस ने यहां बड़े डिवाइडरों को नहीं छेड़ा। इसलिए सड़क संकरी है।
लोगों ने दी मिलीजुली प्रतिक्रिया
- प्रकाश भट्ट (रायपुर, फुटबॉल कोच) का कहना है कि दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों में वनवे सिस्टम है। इसलिए यहां भी वनवे जरूरी है। इससे जहां दुर्घटनाओं में कमी आएगी, वहीं लोगों को सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा।
- कमल कुमार (दुकानदार) का कहना है कि वनवे के कारण दुकानदारी पर असर पड़ा है, लेकिन स्मार्ट सिटी के कामों के दौरान लोगों को अधिक परेशान न होना पड़े, पुलिस का यह अच्छा प्रयास है। हालांकि लोगों को पहले के मुकाबले एक किलोमीटर लंबा फेर घूमकर आना पड़ा, जिससे परेशानी हुई।
- विनीता (दून अस्पताल) का कहना है कि घंटाघर से दून अस्पताल जाना था, लेकिन ट्रैफिक वनवे होने के कारण काफी दूर से घूमकर जाना पड़ेगा, जिससे समय की बर्बादी के साथ परेशानी भी होगी। व्यवस्था आम लोगों के लिए परेशानी वाली है।
- किरन (राहगीर) का कहना है कि डालनवाला से घंटाघर पहुंची। यहां से दून अस्पताल की तरफ जाना था, लेकिन वन-वे होने से चक्कर काटकर जाना पड़ेगा। पुलिस को ट्रायल लेने से पहले इसके बारे में जागरूक करना चाहिए था।
- पुष्कर लाल (राहगीर) का कहना है कि शहर को खूबसूरत बनाने के प्रयास हो रहे हैं तो थोड़ी-बहुत परेशानी तो उठानी ही पड़ेगी। कुछ समय दिक्कत होगी, लेकिन इसके बाद स्थिति सुधर जाएगी। इसमें लोगों को पुलिस को सहयोग देने की जरूरत है।
- मुकेश (राहगीर) का कहना है कि दोस्त से मिलने घंटाघर जाना है। आइएसबीटी से विक्रम से आया, लेकिन विक्रम चालक ने दर्शनलाल चौक में उतार दिया। यहां से अब पैदल ही जाना पड़ेगा, लेकिन पुलिस का प्रयास अच्छा है।
वन वे ट्रैफिक का ट्रायल पूरी तरह अव्यवहारिक: कांग्रेस
महानगर कांग्रेस नेशहर में किए गए वन-वे ट्रैफिक प्लान के ट्रायल को पूरी तरह अव्यवहारिक करार दिया। कहा कि इससे आमजन को सुविधा नहीं बल्कि फजीहत और परेशानी झेलनी पड़ी। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने जारी बयान में कहा कि वन-वे ट्रैफिक प्लान आमजन पर थोपने से पहले पुलिस सामाजिक संस्थाओं, स्कूल कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के साथ चर्चा करती। उनकी भी राय लेती कि शहर में वन-वे ट्रैफिक कैसे तैयार किया जाएगा ताकि आम आदमी को परेशानी न हो।
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रविवार को वन-वे ट्रैफिक ट्रायल के कारण कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। लोगों को अपने घरों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। कुछ मार्गो को अनावश्यक रूप से वन-वे किया गया, जहां परेशानी अधिक है, वहां के बारे में ट्रैफिक प्लान बनाया ही नहीं गया। शहर के मुख्य स्थल घंटाघर पर ही दोनों तरफ आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि भविष्य में वन-वे ट्रैफिक प्लान को आमजन की चर्चा व सुझाव के बाद ही अमल में लाया जाना चाहिए। इस मौके पर पूर्व विधायक राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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