विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

न्याय विभाग की राय के बाद लगेगी उपचुनाव पर मुहर, पढ़ि‍ए पूरी खबर

By Edited By:
Published: Tue, 26 Nov 2019 09:14 PM (IST)Updated: Wed, 27 Nov 2019 11:10 AM (IST)

हरिद्वार को छोड़ राज्य के शेष 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायतों में रिक्त पड़े 30797 पदों के उपचुनाव के कार्यक्रम ...और पढ़ें

न्याय विभाग की राय के बाद लगेगी उपचुनाव पर मुहर, पढ़ि‍ए पूरी खबर
न्याय विभाग की राय के बाद लगेगी उपचुनाव पर मुहर, पढ़ि‍ए पूरी खबर

देहरादून, राज्य ब्यूरो। हरिद्वार को छोड़ राज्य के शेष 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायतों में रिक्त पड़े 30797 पदों के उपचुनाव के कार्यक्रम पर अब न्याय विभाग की राय के बाद ही मुहर लगेगी। पंचायतीराज विभाग ने इस सिलसिले में फाइल न्याय विभाग को भेजी है, जिसमें आरक्षण समेत अन्य मसलों पर राय मांगी गई है।

पंचायतों में रिक्त पड़े पदों में प्रधानों के 124, क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 10 और शेष पद ग्राम पंचायत सदस्यों के हैं। इन पदों के लिए दिसंबर में उपचुनाव कराने के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रस्तावित कार्यक्रम शासन को भेजा है। उपनिर्वाचन में इन पदों के लिए पूर्व में निर्धारित आरक्षण यथावत रखने या फिर फिर इसे बदलने के अलावा कुछ अन्य बिंदुओं पर शासन ने न्याय विभाग से राय मांगी है।

हरिद्वार का मसला भी न्याय विभाग में

जिला पंचायत हरिद्वार में खाली चल रहे अध्यक्ष पद के निर्वाचन के मसले में भी शासन ने न्याय विभाग से राय मांगी है। गौरतलब है कि हरिद्वार की जिला पंचायत अध्यक्ष को अनियमितता के आरोप में कुछ समय पहले बर्खास्त कर दिया गया था। अब वहां अध्यक्ष पद पर चुनाव कराया जाना है।

यह भी पढ़ें: पिथौरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के नतीजे पर टिकी भाजपा की नजरें

डॉ.रंजीत सिन्हा (सचिव पंचायतीराज) का कहना है कि त्रिस्तरीय पंचायतों में रिक्त चल रहे पदों के उपनिर्वाचन के सिलसिले में न्याय विभाग से राय मिलने के बाद ही आगे कदम बढ़ाए जाएंगे। उम्मीद है कि बुधवार तक राय मिल जाएगी।

यह भी पढ़ें: गैरसैंण मामले पर भाजपा और कांग्रेस फिर आमने-सामने