ऋषिकेश, जेएनएन। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) ऋषिकेश ने कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए एक घड़ी रूपी डिवाइस तैयार की है। इसे उत्तराखंड के राज्य पक्षी के नाम पर मोनाल नाम दिया गया है। इस डिवाइस के जरिए संबंधित व्यक्ति अपने घर में रहकर एम्स के चिकित्सकों के संपर्क में रहेगा। इसमें ऐसी चिप लगी है, जो व्यक्ति के हृदय की गति, सांस की गति, ऑक्सीजन की मात्रा और अन्य सभी गतिविधियों की जानकारी देती रहेगी। 

सोमवार को एम्स में सभी प्रमुख चिकित्सकों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस डिवाइस का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया। एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि जिस व्यक्ति को एम्स की कोविड-19 ओपीडी में कोरोना से संबंधित प्राथमिक लक्षण मिलते हैं, उन्हें यह डिवाइस उपलब्ध कराई जाएगी। इंटरनेट में 2G स्पीड के जरिए इसे संचालित किया जा सकता है। 

उन्होंने बताया कि मोबाइल और वीडियो के जरिए मरीज के साथ संवाद कायम करना भी आसान होगा और अगर किसी मरीज में कोविड-19 लक्षण बढ़ जाते हैं तो उन्हें आवश्यक जांच के बाद एम्स की संबंधित यूनिट में रखा जाएगा। निदेशक के अनुसार यह कदम इसलिए उठाया गया है कि किसी व्यक्ति के एम्स आने के बाद अनावश्यक संक्रमण के खतरे को टाला जा सके। कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ मधुर उनियाल के मुताबिक इस डिवाइस को बहुत ही कम कीमत पर और पर्याप्त संख्या में हम तैयार करेंगे। 

एम्स को हर संभव मदद देगी सरकार 

वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एम्स के निदेशक और चिकित्सकों से संवाद किया और एम्स में उपजे हालात पर आवश्यक चर्चा की। सीएम ने इस बात का पूरा विश्वास दिलाया कि एम्स ऋषिकेश को सरकार हर संभव मदद देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि हमारी टीम कोरोना वायरस संक्रमण पर विजय हासिल करेगी।

इस मामले में उत्तराखंड जीतेगा और कोविड-19 हारना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत से पीपीई किट की वर्तमान स्थिति पर आवश्यकता को लेकर चर्चा की। निदेशक ने उन्हें विस्तार से बताया कि वर्तमान में एम्स में 32 लोग वेंटिलेटर पर हैं। 35 लोग गंभीर कैंसर पीड़ित हैं और 25 लोग कैंसर के चलते कीमो थेरेपी के लिए भर्ती किए गए हैं।

यह भी पढ़ें: Covid-19 से जुड़ी वेबसाइट छात्र ने तीन दिन में की तैयार, खर्चा मात्र चार सौ रुपये

जानिए डिवाइस के बारे में कुछ और बातें  

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) बैंगलोर और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल), हैदराबाद के सहयोग से एम्स ऋषिकेश ने कलाई पर पहनने वाले इस उपकरण को भी कोरोना से जंग में शामिल किया है। यह इस तरह का पहला रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग समाधान विकसित किया गया है। पीपीई की मांग को कम करने और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के संपर्क से बचने के उद्देश्य से डिवाइस एसपीओटू, रेस्पिरेटरी रेट, तापमान और पल्स रेट को इंटरनेट के जरिए दूर से ही महत्वपूर्ण मापदंडों की निगरानी कर सकता है।

यह भी पढ़ें: Arogya Setu App का उत्तराखंड में लाखों लोग कर रहे हैं इस्तेमाल, जानें इस एप को लेकर सबकुछ

 

Edited By: Raksha Panthari

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट