ऋषिकेश, जेएनएन। उत्तराखंड में हिमालय के चार धामों की प्रसिद्ध तीर्थयात्रा में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। चारों धामों के कपाट खुलने के शुरुआती दौर में ही यात्रा ने खासी गति पकड़ ली है। इस वर्ष कपाट खुलने के दस दिन के भीतर ही चारधाम यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा एक लाख को पार कर चुका है। श्रद्धालुओं का यह आंकड़ा चारधाम यात्रा से जुड़े व्यवसायियों के लिए अच्छे संकेत दे रहा है। 

इस वर्ष सात मई को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया था। नौ मई को केदारनाथ व दस मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा में तेजी आ गई।  

वर्ष 2013 की आपदा के बाद ऐसा पहली बार है कि शुरुआती दौर में ही चारधाम यात्रा में तेजी आई है। इसका बड़ा कारण यह भी रहा कि चारों धामों के कपाट इस वर्ष लगभग एक-दो दिन के अंतराल में ही खुले हैं। वही, विगत वर्ष गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट खुलने के डेढ़ सप्ताह बाद बदरीनाथ व केदारनाथ धाम के कपाट खुले थे। 

आपदा के बाद वर्ष 2014 से सरकार ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के पंजीकरण करने की व्यवस्था बनाई थी। इसके बाद त्रिलोक सेक्योरिटी सिस्टम को यात्रियों का फोटोमैट्रिक पंजीकरण करने का जिम्मा सौंपा गया था। इस वर्ष भी सरकार ने त्रिलोक सेक्योरिटी सिस्टम को को ही यात्रियों के पंजीकरण का जिम्मा सौंपा है। 

यात्रियों के पंजीकरण के लिए ऋषिकेश व हरिद्वार के अलावा यात्रा मार्गों पर आठ स्थानों पर भी काउंटर खोले हुए हैं। इन सभी पंजीकरण काउंटरों पर यात्रियों का फोटोमैट्रिक पंजीकरण किया जा रहा है। फोटोमैट्रिक पंजीकरण के मुताबिक गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद अब तक दस दिनों में ही चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अब तक एक लाख को पार कर चुकी है। गुरुवार को सायं पांच बजे तक एक लाख 12 हजार 861 श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके थे। 

चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण की स्थिति 

पंजीकरण केंद्र-------------------श्रद्धलुओं की संख्या 

बस अड्डा ऋषिकेश-------------------5431

राही मोटल हरिद्वार--------------------277

रेलवे स्टेशन हरिद्वार-------------------270

दोबाटा------------------------------------ 928

हिना--------------------------------------1550

फाटा---------------------------------------183

सोनप्रयाग--------------------------------1824

पांडुकेशर-----------------------------------276

कुल श्रद्धालु-----------------------------10739

कुल विदेशी------------------------------2660

25 अप्रैल से अब तक--------------1,12,861

स्रोत: त्रिलोक सेक्योरिटी सिस्टम प्रा. लि. ऋषिकेश 

संयुक्त रोटेशन की 139 बसें हुई चारधाम रवाना 

चारधाम यात्रा का संचालन करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की अब तक कुल 1129 बसें चारधाम यात्रा पर रवाना हो चुकी हैं। गुरुवार को संयुक्त रोटेशन की कुल 139 बसों से 4270 यात्री चारधाम के लिए रवाना हुए। इनमें सर्वाधिक 106 बसें चारधाम, 28 बसें दो धाम, दो बसें तीन धाम व तीन बसें एक धाम के लिए गई हैं। संयुक्त रोटेशन की अब तक कुल 1129 बसों से 14017 यात्री विभिन्न धामों की यात्रा पर जा चुके हैं। 

रोटेशन की 75 फीसद बसें यात्रा पर, प्रशासन अलर्ट

संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की यात्रा के लिए उपलब्ध 15 सौ बसों के बेड़े में 75 फीसद बसें यात्रा पर जा चुकी हैं। परिवहन विभाग ने अभी से जटिल हालात को देखते हुए अगले पांच दिन के लिए बसों की स्थिति पर मंथन शुरू कर दिया है। टैक्सी-मैक्सी वाहन यात्रा पर जाने के कारण लोकल रूट की सवारियां बसों पर निर्भर हो गई है। प्रशासन ने परिवहन कंपनियों को 40 फीसद बसें लोकल रूट पर संचालित करने को कहा है।

चार धाम यात्रा के लिए नौ परिवहन कंपनियों की संस्था संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने इस वर्ष करीब 15 सौ बसों का बेड़ा यात्रा के लिए उपलब्ध कराया है। पांच मई से गुरुवार शाम तक संयुक्त रोटेशन की करीब 1130 बसें विभिन्न धामों के लिए यहां से जा चुकी है यानी रोटेशन की 75 प्रतिशत बसें यात्रा रूट पर हैं। 

आयुक्त गढ़वाल मंडल ने विभागीय अधिकारियों की बैठक के पश्चात इस बात को स्वीकार किया था कि 20 मई के बाद यात्रा में और तेजी आएगी। इसलिए अभी से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था कर ली जाए। परिवहन विभाग ने उत्तराखंड रोडवेज से 75 बसें आरक्षित कर ली थी। 

इसके अतिरिक्त स्कूल बस, सिटी बस आदि के संचालकों से विभाग संपर्क में है। गढ़वाल मंडल के लोकल रूट पर संचालित होने वाली टैक्सी और मैक्सी वाहनों की सेवाएं यात्रा में संचालित हो रही है। इस कारण इन वाहनों पर आश्रित लोकल यात्री अब परिवहन कंपनियों की बस सेवाओं पर आश्रित होकर रह गए हैं। वीरवार को परिवहन कर अधिकारी प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने लोकल बस स्टैंड और नटराज चौक के आसपास लोकल यात्रियों की स्थिति का जायजा लिया। 

उन्होंने बताया कि बसों के कारण लोकल यात्रियों को परेशानी जैसी कोई बात नहीं है। टैक्सी और मैक्सी वाहन न मिलने से लोकल यात्री का लोड बसों पर पड़ने लगा है। उन्होंने बताया कि संयुक्त रोटेशन के अध्यक्ष भानु प्रकाश रांगड़, रोटेशन के प्रभारी मदन कोठारी सहित संचालक मंडल सदस्यों के साथ उन्होंने बैठक कर 40 प्रतिशत बसें लोकल रूट पर और 60 प्रतिशत बसें यात्रा रूट पर संचालित करने को कहा गया है। 

परिवहन कर अधिकारी ने बताया कि अगले पांच दिनों में कितनी बसें विभिन्न धामों से लौट रही है, इसकी प्रतिदिन रिपोर्ट रोटेशन कार्यालय से मांगी गई है। ताकि आने वाले दिनों में बसों की किल्लत जैसी समस्या आती है तो विभाग पहले से वैकल्पिक व्यवस्था कर ले।

आरटीओ ने मोर्चा संभाला, संयुक्त रोटेशन की ली बैठक

चार धाम यात्रा में आने वाली भीड़ और हालात को देखते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने संयुक्त रोटेशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर भीड़ को देखते हुए बसों की उपलब्धता पर चर्चा की। संयुक्त रोटेशन के अध्यक्ष ने बताया कि ऐसी स्थिति में 400 बसों का बैकअप रोटेशन के पास है।

आरटीओ देहरादून दिनेश पठोही गुरुवार  की शाम ऋषिकेश पहुंचे। उन्होंने एआरटीओ कार्यालय में अधीनस्थ अधिकारियों सहित संयुक्त रोटेशन के पदाधिकारी के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने अब तक यात्रा पर गई बसों की जानकारी लेने के साथ आने वाले समय में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए तैयारी की समीक्षा की। 

आरटीओ ने कहा कि आने वाले दिनों में यात्रा पर जाने वाले विभिन्न प्रांतों के श्रद्धालुओं की यहां भीड़ बढ‍़ने की पूरी संभावना है। संभवतया 20 मई के बाद यात्रा में और तेजी आएगी।  इसके लिए उन्होंने परिवहन विभाग, परिवहन निगम और संयुक्त रोटेशन को अभी से होमवर्क करने के लिए कहा। संयुक्त रोटेशन व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भानु प्रकाश रांगड़ ने उन्हें आश्वस्त किया कि रोटेशन के पास बैकअप के रूप में 400 बसें उपलब्ध है। 

अगले दो दिनों में यात्रा पर गई बसें भी लौटनी शुरू हो जाएंगी। यदि बसों की किल्लत जैसी कोई बात होती है तो संयुक्त रोटेशन दो दिन पूर्व परिवहन विभाग को इस बात की सूचना दे देगा। उन्होंने कहा कि लोकल रूट पर भी बसों की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। बैठक में एआरटीओ डॉ अनीता चमोला, परिवहन कर अधिकारी प्रथम पंकज श्रीवास्तव, संयुक्त रोटेशन के प्रभारी मदन कोठारी, प्रशासनिक अधिकारी बृज भानु प्रकाश गिरी आदि मौजूद रहे।

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Posted By: Bhanu

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