देहरादून, जेएनएन। पर्वतीय क्षेत्रों में रिकॉर्ड बर्फबारी के बाद देश के पहले कंजरवेशन रिजर्व आसन वेटलैंड में प्रवास पर आए परिंदों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। इससे पक्षी प्रेमियों के चेहरे खिल उठे हैं। दरअसल, जिन इलाकों से परिंदे यहां प्रवास पर आते हैं, वहां इन दिनों भारी बर्फबारी और भीषण शीत के चलते खाने की किल्लत समेत अन्य दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में परिंदे सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपना वतन छोड़ देते हैं। 

आसन वेटलैंड में इस बार अब तक छह हजार से अधिक प्रवासी परिंदे डेरा डाल चुके हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही इनकी संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इनकी सुरक्षा को चकराता वन प्रभाग की सशस्त्र टीम रात-दिन गश्त कर रही है।

प्रभाग के रेंजर जवाहर सिंह तोमर के बताया कि मेहमान परिंदों की आमद बढऩे से पक्षी प्रेमियों में भी खासा उत्साह है। वह यहां बोटिंग का मजा भी ले रहे हैं। बताया कि 20 जनवरी से पहले विभाग की ओर से मेहमान परिंदों की विधिवत गणना की जा सकती है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।

 

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इन परिंदों ने डाला आसन वेटलैंड में डेरा 

पलास फिश ईगल, रुडी शेलडक, कॉमन पोचार्ड, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, फ्यूरीजीनस पोचार्ड, टफ्ड डक, गैडवाल, यूरोशियन विजन, मैलार्ड, स्पाट बिल्ड डक, नार्दर्न शावलर, नार्दर्न पिनटेल्स, कॉमन कूट, कॉमन टील, कॉमन मोरहेन, लिटिल ग्रेब, रेड नेप्ड इबिश, लिटिल कॉरमोरेंट, इंडियन कॉरमोरेंट, ग्रेट कॉरमोरेंट, लिटिल इग्रेट, पर्पल हेरोन, ग्रे हेरोन, बार हेडेड गीज, ग्रे लेग गीज, रेड बिल्ड लिओथ्रिक्स, रस्टी टेल्ड फ्लाई केचर, माउंटेन हॉक ईगल, बफ्फ बार्ड वार्बलर और रिफोस गोरगेटेड फ्लाईकेचर। 

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Posted By: Raksha Panthari

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