देहरादून, जेएनएन। कोलागढ़ स्थित बीआर आंबेडकर स्टेडियम में आयोजित विरासत समारोह के नौवे दिन इंदौर की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना डॉ. सुचित्रा हरमलकर की शिष्या निवेदिता पंड्या खंडेलवाल ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी।

प्रस्तुति के दौरान सबसे पहले रूपक ताल में निबद्ध पुरुषोत्तम भगवान राम की स्तुति, ताल पक्ष में तीनताल, भाव पक्ष में नारी सम्मान के लिए न्याय की स्थापना करने वाले श्री कृष्ण पर आधारित द्रोपदी चीर हरण प्रस्तुत किया गया। जिससे श्री कृष्ण द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण संदेश को समाज में स्थापित करने का प्रयास किया गया। जबकि अंत में राधा-कृष्ण के परस्पर प्रेम को दर्शाती हुई होली प्रस्तुत की गई।

प्रस्तुति में सितार वादक स्मिता वाजपेयी, गायन में नेहा पंड्या, तबले पर मृणाल नागर व हारमोनियम पर दीपक कसरावल ने प्रस्तुति दी। इसके अलावा सुंदरलाल ने कबीर, गोरख, भरथरी, नागपंथी गायन शैली पर आधारित प्रस्तुति दी। प्रस्तुति के दौरान उनके साथ तबले पर कमल शिवलिया, ढोलक पर शुभम जूनवाल, वायलिन पर राधेश्याम एवं सहयोगी गायक कबीर मालवीय, जयति मालवीय एवं यसश्वीनी रहे।

 

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 उधर, विरासत में शुक्रवार सुबह कार्यक्रम में पंकज राग ने मदन मोहन के संगीत एवं जीवन का वर्णन किया। पंकज ने नैनों में बदरा छाए, गीत राग भीम प्लासी में, तुम चांद के साथ चले आना गीत राग यमन में, कदर जाने ना जैसे गीतों की प्रस्तुति दी।

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इस दौरान क्राफ्ट वर्कशॉप में दून प्रेसीडेंसी, एसजीआरआर, हिम च्योति, पॉलीटेक्निक बीएस नेगी, एमकेपी स्कूल के लगभग 200 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण लिया। इस वर्कशॉप में विद्यार्थियों ने चॉकलेट मेकिंग, मधुबनी पेंटिंग, पतंग बनाना, स्टोन आर्ट, स्टोन पेंटिंग, रंगोली, मेहंदी का प्रशिक्षण लिया।

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Posted By: Sunil Negi

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