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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड में 4.50 लाख परिवारों को सस्ते खाद्यान्न का संकट

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Published: Tue, 07 May 2019 03:00 AM (IST)Updated: Tue, 07 May 2019 10:57 AM (IST)

राज्य खाद्य योजना के करीब साढ़े चार लाख परिवारों को सस्ता खाद्यान्न या सब्सिडी मिलने पर संकट उत्पन्न हो गया है।

उत्‍तराखंड में 4.50 लाख परिवारों को सस्ते खाद्यान्न का संकट
उत्‍तराखंड में 4.50 लाख परिवारों को सस्ते खाद्यान्न का संकट

देहरादून, रविंद्र बड़थ्वाल। राज्य खाद्य योजना (एसएफवाइ) के करीब साढ़े चार लाख परिवारों को सस्ता खाद्यान्न या सब्सिडी मिलने पर संकट उत्पन्न हो गया है। वजह ये परिवार अपने बैंक खाते का ब्योरा खाद्य महकमे को देने को तैयार नहीं हैं। अब महकमे ने इन परिवारों को 30 जून तक मोहलत दी है। यानी डेढ़-पौने दो माह के भीतर बैंक खाते की जानकारी नहीं दी तो उन्हें राज्य खाद्य योजना से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। राज्य सरकार ने राशनकार्डों के शेष रह गए डिजिटाइजेशन, आधार सत्यापन और राशन की दुकानों के कंप्यूटरीकरण के लिए डेडलाइन तय कर दी है।

राज्य खाद्य योजना यानी गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन कर रहे लाखों परिवार सस्ते खाद्यान्न का लाभ लेना तो चाहते हैं, लेकिन अपने बैंक खाते महकमे को मुहैया कराने से हिचक रहे हैं। इन परिवारों को दिए जाने वाले खाद्यान्न के एवज में सब्सिडी धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफार (डीबीटी) के तहत उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई जा रही है। यह राशि करीब 75 रुपये प्रतिमाह है। उत्तराखंड में एसएफवाइ के राशनकार्डधारकों की संख्या तकरीबन 9.96 लाख है। इनमें से 9.42 लाख यानी करीब 94.83 फीसद राशन कार्डों की आधार सीडिंग की जा चुकी है।

उक्त में से करीब 5.50 लाख परिवारों ने ही अपने बैंक खातों की जानकारी महकमे में दर्ज कराई है। शेष करीब साढ़े चार लाख परिवारों ने लंबा अरसा गुजरने के बाद भी बैंक खाते की जानकारी मुहैया नहीं कराई। इन परिवारों ने 30 जून तक बैंक खातों की जानकारी नहीं दी तो उन्हें एसएफवाइ और डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी की राशि देने से कदम पीछे खींचने की तैयारी है। संबंधित परिवारों के बैंक खातों की सूचना जल्द महकमे में दर्ज कराने के लिए जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

12.29 परिवारों का आधार सत्यापन

वहीं प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान (एनएफएसए) और राज्य खाद्य योजना (एसएफवाइ) के राशनकार्डों के डिजिटाइजेशन और आधार सीडिंग के शेष रह गए कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए भी 30 जून डेडलाइन रखी गई है। एनएफएसए के तहत कुल करीब 15 लाख परिवारों में से 12,29192 परिवारों का आधार सत्यापन हो चुका है। बीते दिनों राज्य के दौरे पर आए केंद्रीय संयुक्त सचिव खाद्य एस जगन्नाथ के नेतृत्व में केंद्र सरकार की टीम ने उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में राशन कार्डों के डिजिटाइजेशन और सस्ता खाद्यान्न की दुकानों के ऑटोमेशन का जायजा लिया।

राज्य के खाद्य सचिव सुशील कुमार ने कहा कि राशन कार्डों के डिजिटाइजेशन और राशन की दुकानों के कंप्यूटरीकरण, बायोमेट्रिक्स की सुविधा का कार्य 30 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय अवधि में यह कार्य किया जाए, इसके लिए महकमे के अधिकारियों को तेजी से कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। 

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