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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus: नवजातों का सुरक्षा कवच है मां का दूध, इम्यून सिस्टम को करता है मजबूत

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Published: Tue, 09 Jun 2020 03:00 AM (IST)Updated: Tue, 09 Jun 2020 08:26 AM (IST)

नवजात बच्चों के लिए तो मां का दूध सुरक्षा कवच और किसी अमृत से कम नहीं है। ये बच्चे के इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करता है।

Coronavirus: नवजातों का सुरक्षा कवच है मां का दूध, इम्यून सिस्टम को करता है मजबूत
Coronavirus: नवजातों का सुरक्षा कवच है मां का दूध, इम्यून सिस्टम को करता है मजबूत

ऋषिकेश, जेएनएन। कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में बच्चों का खास खयाल रखना जरूरी है। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए जरूरी है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए। इसके लिए ब्रेस्ट फीडिंग से बेहतर कुछ और विकल्प नही हो सकता। नवजात बच्चों के लिए तो मां का दूध सुरक्षा कवच और किसी अमृत से कम नहीं है। 

कोरोना संक्रमण के इस दौर में बच्चों और अधिक उम्र के लोगों में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक है। हालांकि यह भी देखने में आ रहा है कि बच्चों में कोरोना संक्रमण की दर बेहद कम है और बच्चे ज्यादा तेजी के साथ रिकवर हो रहे हैं। इसका बड़ा कारण बच्चों को मां के दूध से मिलने वाला पोषण है, जो उनके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एनपी रतूड़ी बताते हैं कि मां के दूध में फैट, शुगर, पानी और प्रोटीन की सही मात्रा होती है, जो शिशु की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। 
इसलिए कोरोना संक्रमण से नवजातों के बचाव के लिए मां का दूध काफी सहायक सिद्ध हो सकता है। मां के दूध में वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए प्रचुर मात्रा में एंटीबॉडीज होती है। यह एंटीबॉडीज वायरस या बैक्टीरिया को नाक, गले और आंतों में घुसने नहीं देता। मां के दूध में मौजूद मेक्रोफेज, लाइसोजाइम के साथ ही कॉम्पलिमेंट मौजूद होते हैं। इन सभी गुणों के कारण मां का दूध शिशु का प्रथम टीकाकरण भी माना जाता है। भारत जैसे देश में कोरोना काल में इसकी काफी उपयोगिता सिद्ध हो रही है। इसलिए जरूरी है कि माताएं अपने शिशु को कम से कम छह माह तक अपना दूध पिलाएं।
मां के दूध से मजबूत होती है इम्यूनिटी 
  • मां का दूध बच्चों के शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान निभाता है। इससे बच्चे की इम्यूनिटी भी स्ट्रॉन्ग ग होती है, जो बड़े होने तक उसका साथ निभाती है। 
  • बच्चे के पैदा होने के बाद कोलोस्ट्रम, जो मां का पहला दूध ब्रेस्ट में बनता है। वही दूध बच्चे को डायरिया, चेस्ट इन्फेक्शन और दूसरे रोगों से बचाता है। 
  • मां के दूध में फैटी एसिड मौजूद होता है, जो बच्चे के ब्रेन डेवलपमेंट में भी मददगार साबित होता है।

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