उत्तराखंड से विदा हुआ मानसून, चार साल बाद सर्वाधिक बारिश दर्ज
उत्तराखंड में मानसून की विदाई की औपचारिक घोषणा कर दी गई। चार साल में यह पहला मौका है जब सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई।
देहरादून, [जेएनएन]: बीते एक सप्ताह से उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता बेहद कम हो गई थी, लेकिन विदाई की औपचारिक घोषणा सोमवार को की गई। चार साल में यह पहला मौका है जब मानसून सामान्य के बेहद करीब रहा। इस दौरान सर्वाधिक वर्षा देहरादून और सबसे कम अल्मोड़ा जिले में रिकार्ड की गई।
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेश में आमतौर पर 15 जून के आसपास मानसून सक्रिय हो जाता है और तीस सितंबर के आसपास मानसून की विदाई हो जाती है।
मानसून सीजन में प्रदेश में 1194.3 मिमी बारिश रिकार्ड की गई, जबकि 1229.2 मिमी बारिश सामान्य मानी जाती है। इस दौरान सर्वाधिक 1734 मिमी वर्षा देहरादून जिले में रिकार्ड की गई, जो कि औसतन 1786 मिमी रहना चाहिए। वहीं सबसे कम बारिश अल्मोड़ा में हुई।
यहां औसत 850 मिमी के सापेक्ष सिर्फ 550 मिमी बारिश ही हुई है। बिक्रम सिंह के अनुसार इस बार कुल वर्षा औसत से सिर्फ तीन फीसद कम रही, जबकि वर्ष 2017 में यह आठ, वर्ष 2016 में 13 और वर्ष 2015 में आठ फीसद कम था।
मंगलवार को राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में मौसम साफ है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि उच्च हिमालयी इलाकों में बौछारों के साथ बर्फबारी भी हो सकती है।
जिलों में बारिश (01 जून से 30 सितंबर)
जिला, वर्षा, सामान्य
अल्मोड़ा 550 850
बागेश्वर 1491 850
चमोली 1237 851
चम्पावत 1508 1304
देहरादून 1734 1786
पौड़ी 786 1203
टिहरी 723 1037
हरिद्वार 1224 950
नैनीताल 1547 1427
पिथौरागढ़ 1544 1669
रुद्रप्रयाग 1370 1685
यूएस नगर 770 1205
उत्तरकाशी 1112 1135
(नोट : आंकड़ मिमी में)
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