देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड में मानसून विदाई की दहलीज पर है। मौसम विभाग के अनुसार दो से सात अक्टूबर के बीच मानसून यहां से पूरी तरह से विदा हो जाएगा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि इन दिनों राज्य में मानसून की सक्रियता बेहद न्यून है। पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली के कुछ भागों में ही इसका असर देखा जा रहा है।

उत्तराखंड में मानसून जमकर बरसा। शुरुआती दौर में इसका असर कम रहा, लेकिन जुलाई आखिर में इसने रफ्तार पकड़ ली। आमतौर पर प्रदेश में 15 जून से 30 सितंबर तक मानसून सीजन माना जाता है। इस बार प्रदेश में दो जुलाई को मानूसन सक्रिय हुआ। इस दौरान राज्य में 1900 मिमी से ज्यादा वर्षा रिकार्ड की गई, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 1529 मिमी रहता है। 

रविवार को सुबह से ही प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में चटख धूप रही। हालांकि कुछ इलाकों में पिछले दिनों हुई बारिश और भूस्खलन की दुश्वारियां बरकरार हैं। करीब दो दर्जन संपर्क मार्ग अब भी मलबा आने से बंद हैं। लोक निर्माण विभाग की टीम मार्गों से मलबा हटाने में जुटी है। लोनिवि के अनुसार मंगलवार तक इन सभी मार्गों पर यातायात बहाल कर लिया जाएगा।

देर शाम बदला मौसम, बारिश और हिमपात 

पिथौरागढ़: उच्च हिमालय सहित मुनस्यारी क्षेत्र में देर शाम मौसम खराब हो गया। मुनस्यारी-मदकोट क्षेत्र में भारी बारिश शुरू हो गर्इ। जबकि उच्च हिमालय की चोटियों में हिमपात हुआ। 

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Posted By: Raksha Panthari