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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एनआइटी श्रीनगर के सुमाड़ी में स्थायी कैंपस पर अब एमएचआरडी लेगा फैसला

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Mon, 27 Jul 2020 08:33 PM (IST)Updated: Mon, 27 Jul 2020 09:10 PM (IST)

एनआइटी श्रीनगर के सुमाड़ी में स्थायी कैंपस को लेकर अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय को फैसला लेना है। मंत्रालय की ...और पढ़ें

एनआइटी श्रीनगर के सुमाड़ी में स्थायी कैंपस पर अब एमएचआरडी लेगा फैसला
एनआइटी श्रीनगर के सुमाड़ी में स्थायी कैंपस पर अब एमएचआरडी लेगा फैसला

देहरादून, राज्य ब्यूरो। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) श्रीनगर के सुमाड़ी में स्थायी कैंपस को लेकर अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय को फैसला लेना है। मंत्रालय की ओर से ही इस संबंध में हाईकोर्ट में पक्ष रखा जाएगा। एनआइटी के निदेशक प्रो श्यामलाल सोनी ने कहा कि सुमाड़ी में स्थायी कैंपस को लेकर डीपीआर को केंद्रीय वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है। इस मामले में अब मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक आगे कदम उठाया जाएगा। 

एनआइटी का स्थायी कैंपस सुमाड़ी में बनाने के लिए 909 करोड़ को एमएचआरडी मंजूरी दे चुकी है। निदेशक के मुताबिक सुमाड़ी में स्थायी कैंपस के निर्माण के लिए डीपीआर को केंद्रीय वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है। संस्थान निर्माण कार्य 15 दिन में प्रारंभ करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने सुमाड़ी में स्थायी कैंपस का निर्माण कार्य नहीं करने के आदेश नहीं दिए हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से इसका दोबारा परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। 

स्थायी कैंपस के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार को विशेषज्ञों की राय लेने और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर दोबारा परीक्षण कराने के लिए चार माह का वक्त दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अब आगे एमएचआरडी के निर्देशों के मुताबिक संस्थान आगे कदम उठाएगा। स्थायी कैंपस पर फैसला भी एमएचआरडी को लेना है। केंद्रीय मंत्रालय को ही इस मामले में हाईकोर्ट में पक्ष रखना है। 

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प्रो. श्यामलाल सोनी ने कहा कि एनआइटी के अस्थायी कैंपस श्रीनगर में संसाधनों और सुविधाओं को जल्द बढ़ाया जाएगा। हाईकोर्ट ने डीपीआर को लेकर तीन माह का समय दिया है। अस्थायी कैंपस में निर्माण कार्यों के लिए बजट उपलब्ध होते ही संबंधित भवनों के निर्माण को लेकर निविदाएं मांगी जाएगी। संबंधित निर्माण कार्य एक जुलाई, 2021 तक या उससे पहले पूरे कराए जाएंगे।

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