देहरादून, विकास गुसाईं। प्रदेश में जल्द ही मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना होने जा रही है। डिवाइस पार्क की स्थापना होने पर यह उत्तर भारत का संभवत: अपनी तरह का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क होगा। इसके लिए उद्योग विभाग विशाखापट्नम का मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने वाली कंपनी से सुझाव ले रही है। इसे बनाने के लिए कुछ स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है, ताकि इसे जरूरत के मुताबिक विकसित किया जा सके।

 प्रदेश सरकार इस समय विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित कर रही है। इसके लिए पूरा माहौल भी तैयार किया जा रहा है।

सरकार की नजरें कुछ समय से फार्मा सेक्टर पर टिकी हुई थी। इसी कड़ी में अब प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। दरअसल, केंद्र ने विशेष आर्थिक क्षेत्रों के लिए पूर्व से स्थापित मानकों में थोड़ी ढील दी है। पहले विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए 100 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होती थी। अब उद्योग के स्वरूप के अनुसार इसके मानक तय किए गए हैं।

अब सूचना प्रौद्योगिकी की भांति ही आध्यात्मिक इको जोन और मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए इसका दायरा 10 हजार वर्ग मीटर रखा गया है। इसे देखते हुए उत्तराखंड ने मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए हैं। इस पार्क के अंतर्गत चिकित्सा क्षेत्र के लिए उपकरण बनाए जाएंगे और इन पर शोध भी किया जा सकता है। मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित करने के बाद यहां इच्छुक कंपनियों को इकाई स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार ने कहा कि सिडकुल इस योजना पर काम कर रहा है। विशाखापट्नम में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने वाली कंपनी से इसके लिए कंसलटेंसी ली जा रही है।

छिबरो में बन सकता है पार्क

मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए एक जमीन छिबरो, विकासनगर में भी चिह्नित की गई है। दरअसल, पहले यहां कोका कोला प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित था लेकिन स्थानीय लोगों ने इससे प्रदूषण होने की आशंका जताते हुए विरोध किया था। इस कारण इस पर काम नहीं हो पाया।

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पर्वतीय क्षेत्रों में बनेगा आध्यात्मिक इको जोन

प्रदेश में स्प्रिचुअल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आध्यात्मिक इको जोन की स्थापना की जानी प्रस्तावित है। इसके लिए उद्योग विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें कुमाऊं के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम के साथ ही उत्तरकाशी में भी आध्यात्मिक इको जोन बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। अब जल्द ही पूरे प्रस्ताव का प्रस्तुतिकरण सरकार के सामने किया जाएगा। इसके बाद सरकार से मिले सुझावों के आधार पर काम आगे बढ़ाया जाएगा। प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार ने कहा कि प्रस्तुतिकरण के बाद जो भी सुझाव आएंगे, उसके आधार पर आगे कदम बढ़ाए जाएंगे।

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Posted By: Sunil Negi

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