जागरण संवाददाता, देहरादून : Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुए धामों की पवित्रता, मर्यादा व स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्री चारधाम यात्रा की सुखद तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर साझा कर रहे हैं। विशेषकर केदारनाथ धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालांकि, इन सबके बीच ऐसी तस्वीरें भी देखने को मिल रही हैं, जिनमें धामों में कूड़े के ढेर लगे हैं।

प्रधानमनंत्री मोदी ने रविवार को मन की बात में कहा कि कई तीर्थयात्री यात्रा मार्गों पर कूड़ा छोड़ रहे हैं। यह स्थिति काफी कष्टकारी है। उन्होंने तीर्थयात्रियों से अपील की कि वह धामों की स्वच्छता का ध्यान रखें। प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी भी व्यक्त की कि कई संगठन व निजी स्तर पर भी कई लोग स्वच्छ भारत अभियान से जुड़कर धामों में स्वच्छता का कार्य भी कर रहे है। इसमें यात्री भी पीछे नहीं हैं, वह अपने ठहरने के स्थानों समेत यात्रा मार्गों पर पड़ा कूड़ा एकत्र कर रहे हैं। यह स्वच्छता की साधना बेहद सुखद अनुभूति कराती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह तीर्थयात्रा का महत्व है, उतना ही महत्व तीर्थ सेवा का भी बताया गया है। स्वच्छता की ऐसी तस्वीरें तीर्थ सेवा का उत्तम उदाहरण हैं। इस सेवा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता में लगे ऐसे व्यक्तियों व संगठनों की भूरी-भूरी प्रशंसा भी की।

केदारनाथ में चुनौती बना दो क्विंटल कूड़े का उठान

केदारनाथ यात्रा मार्गों पर रोजाना करीब 10 क्विंटल कूड़ा निकल रहा है। इसमें से आठ क्विंटल तक कूड़े का उठान हो पा रहा है। बाकी दो क्विंटल कूड़े का उठान अभी भी केदारनाथ नगर पंचायत व जिला प्रशासन के लिए चुनौती बना है। कूड़ा प्रबंधन के लिए नगर पंचायत व जिला प्रशासन ने अपनी तरफ से भरपूर इंतजाम किए हैं और यात्रा मार्गों पर जगह-जगह कूड़ेदान भी लगाए हैं। लेकिन, कई यात्रियों के सहयोग न करने के चलते कूड़ा जगह-जगह बिखरा मिल रहा है। इसके चलते रोजाना पूरे कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा। स्थिति यह है कि जगह-जगह प्लास्टिक को बोतलें, रेन कोट, कुरकुरे, चिप्स आदि के पैकेट बिखरे पाए जा रहे हैं। कूड़ा प्रबंधन में लगी टीम अभी तक 200 क्विंटल अजैविक कूड़े का निस्तारण कर चुकी है। वहीं, जैविक कूड़ा जैसे-बचा भोजन आदि का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है।

इन स्थानों पर बिखरा मिल रहा कूड़ा

केदारनाथ, गौरीकुंड, लिनचोली, भीमबली, जंगलचट्टी आदि।

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Edited By: Nirmala Bohra