शहीद पति के देश सेवा के जज्बे को बनाया जीने का मकसद Dehradun News
शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल के देश सेवा के जज्बे ने उनकी पत्नी नितिका के भीतर न सिर्फ नया रूप लिया बल्कि सेना में भर्ती होने का उनका सफर अंतिम पड़ाव में भी पहुंच चुका है।
देहरादून, जेएनएन। पिछले साल 18 फरवरी ही वह तारीख जब दून के लाल शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए देश पर कुर्बान हो गए थे। इस एक साल के अंतराल में विभूति के देश सेवा के जज्बे ने उनकी पत्नी नितिका के भीतर न सिर्फ नया रूप लिया, बल्कि सेना में भर्ती होने का उनका सफर अंतिम पड़ाव में भी पहुंच चुका है। ओटीए (ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी), चेन्नई की सभी अहम परीक्षाएं नितिका ने पास कर ली हैं और अब उम्मीद के अनुरूप मेरिट लिस्ट जारी होने का इंतजार है।
नितिका दृढ़ता के साथ कहती हैं कि उनके पति ने देश सेवा का जो सफर शुरू किया था, उस पर उन्हें भी आगे बढ़ते जाना है। डंगवाल मार्ग स्थित आवास पर शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सेना व शहर के तमाम गणमान्य लोगों ने इस दौरान विभूति की वीरता को सलाम किया।
इस मौके पर शहीद की वीरांगना नितिका ने मीडिया से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज भले ही उनके पति भौतिक रूप से उनके साथ न हों, मगर उनका एहसास हर समय साथ रहता है। देश सेवा का उनका जज्बा अब उनके भीतर घर कर गया है। यही कारण है कि अब वह भी अपने जांबाज पति की तरह सेना में भर्ती होने जा रही हैं।
उनका कहना है कि अब मेरिट लिस्ट जारी होनी बाकी है। कहा कि सेना में भर्ती होने की तमाम परीक्षाओं में पास होने में उनके परिवार का बहुत बड़ा सहयोग रहा। खासकर उनकी सास और शहीद विभूति की मां सरोज ने कदम-कदम पर साथ दिया।
नितिका नोएडा में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) लि. में अधिकारी पद पर तैनात हैं और कार्यरत होने के चलते फरीदाबाद में अपने मायके में रह रही हैं। हालांकि, वह हर माह डंगवाल मार्ग स्थित अपने घर पर आती रहती हैं। शहीद की मां सरोज व छोटी बहन वैष्णवी यहीं पर रहते हैं। नितिका इस बात से गौर्वान्वित महसूस कर रही हैं कि मार्च के अंत में जब सेना में भर्ती होने के लिए उनकी मेरिट जारी होगी, तभी उनके जांबाज शहीद पति के शौर्य चक्र को प्राप्त करने का भी अवसर मिलेगा।
शहीद विभूति के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मसूरी विधायक गणेश जोशी, वेटरन ब्रांच के प्रभारी कर्नल पृथ्वीराज रावत, कर्नल विकास नौटियाल, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सूर्यकांत धस्माना, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार, मयंक खंडूड़ी समेत राज्य आंदोलनकारी सेनानी मंच के प्रतिनिधि व तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
वीरांगनाओं को स्वतंत्र होकर फैसले लेने चाहिए
शहीद विभूति की पत्नी नितिका ने कहा कि शहीद की वीरांगनाओं को अपने निर्णय स्वतंत्र होकर करने चाहिए। उन्हें आत्मनिर्भर बनना चाहिए। देश पर न्यौछावर होने वाले वीर के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वहीं, नितिका ने सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं हर तरह से सक्षम हैं।
मोमबत्ती जलाकर दी विभूति को श्रद्धांजलि
क्षेत्र के लोगों ने शाम को डंगवाल रोड स्थित गुरुद्वारा चौक पर मोमबत्ती जलाकर शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद की पत्नी नितिका ढौंडियाल, मां सरोज ढौंडियाल भी उपस्थित रहीं।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए क्षेत्रवासियों ने कहा कि शहीद मेजर विभूति शंकर की शहादत हमेशा याद रखा जाएगा। श्रद्धांजलि देने वालों में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार, पार्षद अर्जुन सोनकर, भाजयुमो नेता सागर सोनकर आदि शामिल रहे।
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अब नेशविला रोड के आरंभ में बनेगा शहीद के नाम पर द्वार
शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल के नाम पर बनाया जाने वाले द्वार अब नेशविला रोड के आरंभ में बनाया जाएगा। नगर निगम बोर्ड में पास किए गए प्रस्ताव के अनुसार पहले यह द्वार नेशविला रोड को शहीद के घर जाने वाले डंगवाल मार्ग के आरंभ में बनाया जाना था। महापौर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि अब यह मार्ग राजपुर रोड को नेशविला रोड से जोड़ने वाले हिस्से पर बनाया जाएगा।
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