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    Uttarakhand News: महासू मंदिर समिति का बड़ा फैसला, विकास कार्यों और धार्मिक आयोजनों को मंजूरी

    हनोल में महासू देवता मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक में कई विकास प्रस्ताव पारित किए गए। मंदिर में स्वर्ण कलश स्थापना के लिए 16 मई की तिथि घोषित की गई और सात दिवसीय शिव महापुराण के आयोजन का संकल्प लिया गया। बजीर के नेतृत्व में एक समन्वय समिति बनाई गई है। मंदिर समिति ने मंदिर परिसर में हुई दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की।

    By chandram rajguru Edited By: Vivek Shukla Updated: Thu, 17 Apr 2025 09:42 AM (IST)
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    हनोल स्थित प्रसिद्ध महासू देवता मंदिर। जागरण

    संवाद सूत्र, जागरण, त्यूणी। हनोल स्थित प्रसिद्ध महासू देवता मंदिर प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। देवता की अनुमति मिलने के बाद मंदिर में कलश स्थापना की तिथि घोषित की गई है, जिसके उपलक्ष्य में सात दिनों तक चलने वाले शिव महापुराण के धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा।

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    धार्मिक अनुष्ठान की तैयारी

    मंदिर समिति ने 16 मई से मंदिर में शुरू होने वाले धार्मिक अनुष्ठान की तैयारी शुरू कर दी है। प्रबंध कार्यकारिणी के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत बजीर के मार्गदर्शन में अनुभवी सदस्यों की एक पांच सदस्यीय समन्वय समिति बनाई गई है। यह समिति व्यवस्था के संचालन की देखरेख करेगी।

    समिति की अध्यक्षता

    उपजिलाधिकारी चकराता योगेश सिंह मेहरा, जो समिति के पदेन अध्यक्ष भी हैं, की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। मंदिर की परंपरागत व्यवस्था से जुड़े हकहकूक धारी, पदाधिकारी और प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्य इस बैठक में शामिल हुए और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के बाद विकास के कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

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    स्वर्ण कलश स्थापना

    मंदिर समिति ने अमृतसर से आए कुशल स्वर्णकारों के माध्यम से मंदिर के शिखर पर लगाने के लिए दो नए स्वर्ण कलश बनवाए हैं। इन कलशों की स्थापना के लिए 16 मई की तारीख तय की गई है।

    महासू मंदिर। जागरण (फाइल फोटो)


    समन्वय समिति का गठन

    मंदिर के प्रबंधन कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए मंदिर प्रबंधन समिति के मुख्य संरक्षक और शांठीबिल के बजीर दीवान सिंह राणा के नेतृत्व में पांच वरिष्ठ सदस्यों की एक समन्वय समिति का गठन किया गया है। प्रबंध कार्यकारिणी में बावर खत के चार स्याणों को विशेष सदस्य बनाया गया है, जबकि नौ हक हकूकधारी पहले से ही समिति के सदस्य हैं।

    नियमावली में संशोधन

    मंदिर समिति ने दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर नियमावली में कुछ संशोधन किए हैं। वर्तमान में श्रद्धालुओं के लिए सराय, लंगर हॉल, शौचालय, पार्किंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    राजनीतिक हस्तक्षेप अस्वीकार

    मंदिर समिति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देवता की परंपरागत व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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    शोक संवेदना

    महासू देवता मंदिर प्रबंधन समिति ने हाल ही में हुई एक दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। समिति ने बताया कि मंदिर परिसर में सदियों से सीसे के दो गोले रखे हुए हैं, जो देवता के प्रति आस्था का प्रतीक हैं। कोठा-तारली गांव के एक 13 वर्षीय बालक की सीसे के गोले को उठाने की कोशिश में संतुलन बिगड़ने से चोट लगने के कारण मृत्यु हो गई थी। मंदिर समिति ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और देवता से प्रार्थना की।