Dengue: देहरादून में डेंगू पीड़ित मरीज की मौत, दो नए मामले मिले; इन मरीजों के लिए खतरनाक
देहरादून में डेंगू से पीड़ित एक मरीज की मौत हो गई जिसकी वजह मल्टी ऑर्गन फेल्योर बताई गई है। दो और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अस्पताल प्रशासन द्वारा समय पर सूचना न देने पर विभाग ने नाराजगी जताई है। लापरवाही के चलते अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। डेंगू के बढ़ते मामलों के बावजूद सिस्टम की सुस्ती उजागर हुई है।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Dengue: दून में डेंगू पीड़ित मरीज की मौत हो गई है। मरीज को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती किया गया था। चिकित्सकों ने उसकी मौत का कारण मल्टी आर्गन फेल्योर बताया है। उधर, दो और लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ये दोनों मरीज श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती हैं।
बलबीर रोड, नई बस्ती निवासी 49 वर्षीय व्यक्ति को किडनी और श्वसन संबंधी दिक्कत थी। स्वजन उन्हें सिटी हार्ट सेंटर ले गए। जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। पांच अप्रैल को उन्हें श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डेंगू की पुष्टि हुई। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने इसकी पुष्टि की है।
उधर, चिकित्सकों का कहना है कि कोमार्बिड मरीज़ों के लिए डेंगू खतरनाक हो सकता है। मधुमेह, टीबी, एचआइवी, कैंसर, गुर्दा रोग आदि में यह जानलेवा साबित हो सकता है। ये रोग व्यक्ति में रोग प्रतिरोधक क्षमता नष्ट कर देते हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज शर्मा के अनुसार, अस्पताल की ओर से दी गई रिपोर्ट में मरीज को डिस्चार्ज दिखाया गया है। सर्वे करने गई टीम को व्यक्ति की मौत की जानकारी मिली।
मच्छर जागा, पर सोया रहा सिस्टम
देहरादून: डेंगू हर साल एक बड़ी आबादी को प्रभावित करता है और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करने इस बीमारी को लेकर अफसर लापरवाह बने हुए हैंं। हालात देखिए कि डेंगू के 16 मामले आने के बाद भी मातहतों ने आला अधिकारियों को इसकी जानकारी तक देना गवारा नहीं समझा।
सोमवार तक भी अधिकारी यही कहते रहे कि जिले में डेंगू का कोई मामला नहीं है। जबकि निजी अस्पताल ससमय इसकी जानकारी विभाग को दे चुके थे। डेंगू बुखार एक अधिसूचित बीमारी है। इस बीमारी से पीड़ित किसी भी मरीज की जानकारी अस्पताल को स्वास्थ्य.विभाग को देनी होती है। इसके अलावा डेंगू के सभी मामले आइएचआइपी पोर्टल पर अपडेट करने हौते हैं।
अभी तक की जानकारी के अनुसार श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में 12 व ग्राफिक एरा अस्पताल में डेंगू के चार मामले आए हैं। इन अस्पतालों ने वक्त पर इसकी जानकारी ई-मेल के माध्यम से सीएमओ कार्यालय को उपलब्ध करा दी।
मामला जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी व एपिडेमियोलाजिस्ट के संज्ञान में था। पर इसकी जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी को नहीं दी गई। तुर्रा यह कि इन मरीजों का डाटा संबंधित पोर्टल पर नहीं डाला गया है। बहरहाल मातहतों की इस लापरवाही के चलते विभाग को खासी फजीहत झेलनी पड़ी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज शर्मा का कहना है कि दोनों कार्मिकों को नोटिस दिया जा रहा है। उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है कि आइंदा इस तरह की गलती नहीं होनी चाहिए। इस तरह की कोई भी जानकारी ससमय दी जाए। ताकि इस पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। आइंदा इस तरह की लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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