देहरादून, जेएनएन। कूर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद का होली मिलन समारोह शुरू हो गया। पहले दिन परिषद की कांवली शाखा ने जीएमएस रोड स्थित कूर्मांचल भवन में होली मिलन समारोह का आयोजन किया। समारोह में कूर्मांचली महिलाओं ने पारंपरिक गीतों की धुन पर बैठकी होली की शानदार प्रस्तुति देकर सभी का मन मोहा।

जीएमएस रोड स्थित कूर्मांचल भवन में होली मिलन समारोह का उद्घाटन उद्योगपति अशोक विंडलास, राजपुर रोड विधायक खजानदास ने संयुक्त रूप से किया। अशोक विंडलास ने कहा कि संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए परिषद का काम सराहनीय है। विधायक खजानदास ने कूर्मांचल परिषद के होली मिलन समारोह के सफल आयोजन की बधाई दी। 

कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद अरविंद मेहता, बालकृष्ण धस्माना, आशा और राघव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। शाखा अध्यक्ष एसएस ठठोला ने सभी लोगों का स्वागत करते हुए होली मिलन को साकार बनाने के लिए धन्यवाद दिया। 

मुख्य अतिथि समेत अन्य पदाधिकारियों ने शाखा की वार्षिक स्मारिक 'बाटुली' का विमोचन किया। महिलाओं द्वारा 'आओ बृजराज खेलें होली' गीत पर किए नृत्य पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। कार्यक्रम के अंत में कूर्मांचल परिषद द्वारा सालभर में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं का सम्मान किया गया। 

कार्यक्रम में उत्तरांचल विवि के कुलपति डॉ. एनके जोशी, संस्कृति निदेशालय की निदेशक बीना भट्ट, परिषद के संरक्षक प्रकाश चंद्र, सचिव दीपा शर्मा, संतोष जोशी, प्रेमलता बिष्ट आदि मौजूद रहे।

इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति

होली मिलन कार्यक्रम में भारती पांडे ने होली गीत एैगे एैगे वसंत बहार दगड़ी.. पर नृत्य प्रस्तुत किया। राग बहार पर आधारित गीत राधा संग होली खेले पर हेमा, अलका, बालकृष्ण, राघव शर्मा, अरविंद मेहता, आकांक्षा, गीता धामी, दीपा शर्मा और आशा ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। परिधि पांडे, आशा जोशी, श्वेता, आलिया मंसूरी, प्रियांशी ढौंढियाल, यामिनी जोशी, हिमानी भट्ट, तनिष्का पाठक, नंदी मेहरा, मनोज सामंत, मीना बिष्ट, हरदा नेनोई आदि ने भी लोक गीतों पर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।

लोकगीतों से बांधा समा

ए प्लस स्टूडियो की ओर से नगर निगम टाउन हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पारंपरिक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति बेहद खास रही, साथ ही कलाकारों ने लोकगीतों की प्रस्तुति से समा बांधा। महापौर सुनील उनियाल गामा ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

कार्यक्रम में महापौर ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति के संरक्षण को सामूहिक प्रयास करने होंगे। लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति को भूलती जा रही है। उन्हें संस्कृति से रूबरू कराने के लिए इस प्रकार के आयोजन जरूरी हैं। 

यह भी पढ़ें: दिलों को जोड़ने का काम करे युवा पीढ़ी: फिरोज खान

जागर गायक प्रीतम भरतवाण ने कहा कि ढोल सागर समेत अन्य उत्तराखंड के ग्रंथ युवाओं को हमारी संस्कृति से जोडऩे में सहायक हैं। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणादायक होते हैं। इस अवसर पर गायक किशन महिपाल, रजनीकांत सेमवाल, साहब सिंह रमोला, संगीता ढौंढियाल, गुंजन डंगवाल, हेमंत नेगी करासी, संतोष खेतवाल, कांता प्रसाद, नवीन टोलिया आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंडी संस्कृति की छाप के साथ रंग महोत्सव संपन्न Dehradun News

Posted By: Bhanu

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस