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देहरादून, जेएनएन। 19 साल बाद एक बार फिर से अद्भुत संयोग बना है कि देश की आजादी (राष्ट्रीय पर्व) और भाई बहनों के प्यार का प्रतीक त्योहार (धार्मिक पर्व) एक ही तारीख पर है। इस साल स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर रक्षाबंधन मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है जो इस साल 15 अगस्त गुरुवार को है। वहीं, रक्षाबंधन का त्योहार गुरुवार को होने से इसका महत्व और बढ़ गया है। इस दिन न भद्रा है और न किसी तरह का ग्रहण, जिससे ये रक्षाबंधन एक शुभ संयोग लेकर आया है। कहा जाता है कि भद्रा में बहनें भाइयों को राखी नहीं बांधती हैं। मान्यता है कि रावण की बहन ने भद्रा में ही उसे रक्षा सूत्र बांधा, जिससे उसका विनाश हो गया, लेकिन इस बार राखी बांधने का मुहूर्त काफी अच्छा है, बहनें सूर्यास्त से पहले तक भाइयों को राखी बांध सकती हैं

भागवताचार्य पं. कर्मानंद उनियाल ने बताया कि इस साल श्रावणी पूर्णिमा 14 अगस्त को शाम 3:45 बजे शुरू होगी और 15 अगस्त की रात 7:45 बजे तक रहेगी। इस तरह तकरीबन 16 घंटे तक बहनें भाईयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। 

वहीं, 15 अगस्त को देश का राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस भी मनाया जाता है। इससे पहले यह संयोग 19 साल पूर्व 2000 में था। तब 15 अगस्त, मंगलवार के दिन राष्ट्रीय पर्व के साथ भाई बहन का त्योहार भी मनाया गया था। अब कि एक बार फिर दोनों पर्व एक साथ मनाए जाएंगे।

रक्षाबंधन की खरीददारी शुरू 

रक्षाबंधन के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों के लिए अलग-अलग तरह की राखियां बाजारों में देखने को मिल रही हैं। डोरेमोन, भीम जैसे कार्टून कैरेक्टर की राखियां बच्चों को खूब आकर्षित कर रही हैं। तो वहीं, बड़ों में अमेरिकन डायमंड, रुद्राक्ष और ओम डिजायन की राखी को लेकर क्रेज देखने को मिल रहा हैं।   

दूर रह रहे भाइयों के लिए भेजी गईं राखियां 

अब जब रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आ रहा है, तो बहनों ने दूर रह रहे भाइयों के लिए भी राखियां भेजनी शुरू कर दी हैं। राखियां कूरियर से भेजने के लिए बाजारों में रक्षाबंधन का पूरा पैक तैयार किया गया है। इसमें राखी के साथ ही रोली, चंदन और मुंह मीठा करने के लिए मिश्री और सौंफ भी रखी गई हैं।  

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Posted By: Raksha Panthari

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