देहरादून, दीपिका नेगी। फैशन के इस दौर में खादी की मांग भी दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रही है। खासकर चुनाव के मौकों पर तो खादी सबकी पसंद बन जाती है। नेताओं के साथ ही उनके समर्थक और आम लोग भी खादी की तरफ आकर्षित होने लगते हैं। इन दिनों चूंकि लोकसभा चुनाव की सरगर्मियां चल रही हैं, इसलिए खादी का आकर्षण लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता खादी के वस्त्रों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। 

खादी के कुर्ते महिला-पुरुषों की पहली पसंद 

गांधी आश्रम के राम कुमार बताते हैं कि चुनावी मौसम में खादी के कुर्तों बिक्री तीन गुना बढ़ गई है। पुरुष और महिलाएं, दोनों ही इसे खरीद रहे हैं। बताया कि नेता लोग तो खादी पहनते ही हैं, उनके समर्थक भी नेता बनने की लाइन में लगे रहते हैं। इसलिए वे भी चाहते हैं कि नेताजी के साथ खादी पहनकर ही रहें। इसके चलते चुनाव में खादी की बिक्री बढ़ने स्वाभाविक है। 

फैब्रिक ऑफ फ्रीडम है खादी 

खादी के कपड़े राजनीतिक दलों के युवा कार्यकर्ताओं को भी काफी लुभा रहे हैं। इसे देखते हुए फैशन डिजायनर भी खादी को लेकर नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। वे सिर्फ भावनाओं ही नहीं, बल्कि फैशन में भी देश को अहमियत देते हैं। इसलिए खादी पहनने के लिए उन्हें किसी बहाने या मोर्चे की जरूरत नहीं पड़ती। इस फैब्रिक ऑफ फ्रीडम को वह दिल से लगाए हुए हैं। उन्हें खादी के जरिये स्टाइलिश बनने में कोई दिक्कत नहीं। 

साड़ियां, सदरी और बैग का ट्रेंड 

कुर्ते ही नहीं, खादी की साड़ियां भी इन दिनों ट्रेंड में हैं। किसी जमाने में साधारण-सी मानी जाने वाली खादी आज महत्वपूर्ण बन गई है। हाथ से बुने इस फैब्रिक की साडिय़ों में बॉर्डर वाली प्लेन साड़ियां राजनीति से जुड़ी महिला कार्यकर्ताओं को काफी लुभा रही हैं। वहीं, सदरी और खादी के बैग भी महिला-पुरुष और सभी आयु के लोगों की पसंद बने हुए हैं। 

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Posted By: Raksha Panthari

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