जागरण टीम, मसूरी। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश के बीच मसूरी के पास प्रसिद्ध कैम्पटी फाल में उफान आ गया। कुछ ही देर में फाल विकराल हो गया। पुलिस ने सजगता दिखाते हुए उफान से कुछ देर पहले ही 200 पर्यटकों और आसपास के के 20 दुकानदारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया। फिलहाल अगले आदेश तक कैम्पटी फाल में पर्यटकों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे पहले 12 जुलाई को भी यहां मलबा आने से नुकसान हुआ था। तब भी एक सप्ताह तक पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई थी।

घटना शनिवार दोपहर बाद की है। कैम्पटी और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश शुरू हो गई। कैम्पटी के थानाध्यक्ष नवीन जुराल ने बताया अक्सर बारिश के दौरान झरने में उफान आता है। इसी को देखते हुए वहां नहा रहे 50 पर्यटकों और दुकानदारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया। इसके अलावा अपनी बारी का इंतजार कर रहे करीब 150 पर्यटकों को भी झरने के पास से हटा दिया गया। कुछ देर में झरना विकराल हो उठा।

जुराल ने बताया कि जुलाई में आए उफान के बाद कैम्पटी फाल में एक बार में 50 पर्यटकों को नहाने की अनुमति है। ये पर्यटक आधा घंटे तक वहां रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल पर्यटकों की आवाजाही बंद कर दी गई है। आसपास पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए हैं।

देहरादून और नैनीताल समेत सात जिलों में भारी बारिश के आसार

प्रदेश में शुक्रवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। विशेषकर गढ़वाल मंडल में दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को देहरादून और नैनीताल समेत सात जिलों में भारी बारिश की आशंका है। इस बीच चमोली जिले में पहाड़ी दरकने से चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे बाधित हो गया है।

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सीमा सड़क संगठन की टीम मलबा हटाने के काम में जुटी है। दूसरी ओर नैनीताल में शाम को बारिश हुई। वहीं हाई कोर्ट मार्ग पर विशालकाय बांज का पेड़ गिर गया। होटल कर्मी ने भागकर बचाई जान। ठंडी सड़क में भी फिर भूस्खलन होने से पेड़ और मलबा झील में समा गया।

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Edited By: Raksha Panthri