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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली में जज बनी उत्तराखंड की बेटी, सामान्य वर्ग में हासिल की दूसरी रैंक; पढ़िए पूरी खबर

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 19 Dec 2020 04:13 PM (IST)Updated: Sat, 19 Dec 2020 11:09 PM (IST)

उत्तराखंड की बेटी कात्यायनी शर्मा कंडवाल ने दिल्ली न्यायिक सेवा- 2019 की परीक्षा में सामान्य वर्ग से वरीयता सूची में ...और पढ़ें

उत्तराखंड की बेटी कात्यायनी शर्मा कंडवाल ने दिल्ली में जज बन प्रदेश का नाम रोशन किया है।
उत्तराखंड की बेटी कात्यायनी शर्मा कंडवाल ने दिल्ली में जज बन प्रदेश का नाम रोशन किया है।

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। उत्तराखंड की बेटी कात्यायनी शर्मा कंडवाल ने दिल्ली न्यायिक सेवा- 2019 की परीक्षा में सामान्य वर्ग से वरीयता सूची में दूसरी रैंक प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

मूल रूप से पौड़ी जनपद के ग्राम मरड़ा, मवालस्यूं निवासी कात्यायनी के पिता स्व. मदन मोहन सुंदरियाल ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्यरत थे। कात्यायनी की मां कुसुम सुंदरियाल देहरादून में अध्यापिका हैं। अगस्त 1991 में जन्मी कात्यायनी का विवाह वर्ष 2015 में प्रगति विहार ऋषिकेश निवासी प्रांशु शशि कंडवाल से हुआ है। प्रांशु शशि कंडवाल भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल तथा वरिष्ठ चिकित्साधिकारी सेवानिवृत डॉ. शशि कंडवाल के पुत्र हैं।

कात्यायनी शर्मा कंडवाल की प्राथमिक से हाईस्कूल तक की शिक्षा सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल पौड़ी तथा इंटरमीडिएट रिवर डेल स्कूल देहरादून में हुई है। क्लेट क्वालीफाई करने के बाद कात्यायनी ने एनएलआइयू भोपाल से एलएलबी और आइएलआई दिल्ली से एलएलएम की शिक्षा पूरी की। शुक्रवार को जारी हुए दिल्ली न्यायिक सेवा- 2019 की परीक्षा के परिणाम में कात्यायनी ने वरीयता सूची में दूसरा स्थान प्राप्त कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। कात्यायनी शर्मा कंडवाल ने बताया कि आज उनके दिवंगत पिता का सपना पूरा हुआ है। उनकी इस सफलता में मां के मार्गदर्शन के अलावा ससुराल में पति तथा सास-ससुर का बेहतर सहयोग शामिल है।

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