अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, एजेंट के तौर पर करते थे काम; मलेशिया में चलता था ठगी का 'कोर्स'
International Cyber Fraud Gang उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य विदेश में बैठे साइबर ठगों के लिए एजेंट के तौर पर काम करते थे और उत्तराखंड के युवकों को ट्रेनिंग दिलाने के लिए मलेशिया ले जाते थे। ट्रेनिंग के बाद ये युवक साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Cyber Fraud Arrested: उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्यों को देहरादून से गिरफ्तार किया गया है।
साइबर ठग विदेश में बैठे साइबर ठगों के लिए एजेंट के तौर पर काम करते थे, और कई बार उत्तराखंड के युवकों को ट्रेनिंग दिलाने के लिए मलेशिया ले जा चुके हैं। ट्रेनिंग के बाद यह युवक साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
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पिछले दिनों म्यामांर से कुछ युवकों को उत्तराखंड लाया गया था। उनसे पूछताछ के बाद ही पुलिस ने साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।
अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। Jagran
दो सदस्यों को किया गिरफ्तार
उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए ग्राम दिनेशपुर जिला ऊधमसिंहनगर निवासी हरजिंदर सिंह व संदीप थाईलैंड मव बैठे साइबर ठगों को खातों के दस्तावेज उपलब्ध कराते थे।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि थाईलैंड से डिपोर्ट करके 22 पीड़ितों को उत्तराखंड लाया गया था। जिनमें से 15 कुमाऊं व 7 गढ़वाल के थे। इनसे पूछताछ की गई तो पीड़ितों ने बताया कि ऊधमसिंहनगर नगर के दो लोग जरूरतमंदों को लालच देकर उनके खाते खोलते हैं और खाते की चेकबुक, एटीएम व अन्य जानकारी थाईलैंड भेजते हैं। इन्ही खातों में ठगी की रकम आती है। जांच के बाद एसटीएफ की टीम ने दोनों साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ठगों के खातों की जांच की गई तो पता चला कि खाते खुलवाकर दोनों ने एक साल में 1.20 करोड़ रुपये का मुनाफ़ा कमाया है।
चाचा से चरस लेकर तस्करी करने निकला तस्कर दबोचा
हरिद्वार: रानीपुर क्षेत्र में पुलिस ने एक चरस तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित अपने चाचा से चरस खरीद कर तस्करी करने पहुंचा था। एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जागरण ग्राफिक्स।
रानीपुर कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी ने बताया कि गैस प्लांट चौकी प्रभारी विकास रावत की अगुवाई में पुलिस टीम ने एक युवक को रोकना चाहा लेकिन वह भागने लग गया। पुलिस टीम ने पीछा कर युवक को दबोच लिया, जिसके कब्जे से 183 ग्राम चरस बरामद हुई। पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम शारुख निवासी गांव सलेमपुर बताया। उसने कुबूला कि उसके चाचा चरस तस्करी के धंधे में लिप्त है। वह चरस को सस्ते दाम में खरीदकर उसे 1200 रूपये प्रति तोला के हिसाब से बेचता है। बताया कि आरोपित चरस को बेचने के इरादे से यहां पहुंचा था।
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