टीम जागरण, देहरादून : India New CDS : देश की सुरक्षा के मोर्चे पर उत्‍तराखंड राज्‍य सबसे आगे है। यहां के आठ जांबाज बेटे भारत मां की रक्षा में अहम योगदान दे चुके हैं। इनमें नया नाम देश के नए सीडीएस ले जनरल अनिल चौहान (सेनि) का भी शामिल हो गया है। इनमें से कई सैन्‍य अफसर सर्जिकल स्‍ट्राइक में भी योगदान दे चुके हैं।

ये सभी उत्तराखंड से संबंध रखते हैं। इनमें प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत, पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन चंद्र जोशी, पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी, पूर्व रॉ प्रमुख अनिल कुमार धस्माना, तटरक्षक बल के मुखिया रहे राजेंद्र सिंह व डीजीएमओ की जिम्मेदारी संभाल चुके ले. जनरल अनिल कुमार भट्ट शामिल हैं।

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इंटेलीजेंस के मास्टर कहे जाने वाले पूर्व आइबी चीफ और मौजूदा समय में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उत्तराखंड से हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में :

प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत :

उत्तराखंड निवासी जनरल बिपिन रावत का देश की सुरक्षा में बड़ा योगदान रहा है। जनरल बिपिन रावत दिसंबर 1978 में आइएमए से पास आउट हुए थे। अकादमी में उन्हें सर्वश्रेष्ठ 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' प्रदान किया गया था। जनरल बिपिन रावत ने पांचवीं बटालियन 11 गोरखा राइफल्स में कमीशन प्राप्त की थी।

जनरल रावत काबिल अधिकारी थे और कम समय में थल सेनाध्यक्ष व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बने। सेना के आधुनिकीकरण में जनरल बिपिन रावत का बड़ा योगदान है। सेना में थिएटर कमांड का रोडमैप तैयार करने में उनका महत्‍वपूर्ण योगदान है। जनरल रावत ने लगभग सभी संवेदनशील ब्रिगेड को कमांड किया और सेना को मजबूत बनाने का काम किया।

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पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन चंद्र जोशी :

ले. जनरल बिपिन रावत से पहले अल्मोड़ा निवासी पूर्व सेना प्रमुख स्व. जनरल बिपिन चंद्र जोशी ने 17वें थल सेना की कमान संभाली थीं। उनका जन्‍म वर्ष 1935 में हुआ। वह वर्ष 1954 में सेना से जुड़े और अंतिम समय तक सेना में रहकर देश की सेवा की।

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जोशी वर्ष 1993 में थल सेना प्रमुख बने थे। उनका कार्यकाल वर्ष 1995 में पूरा होना था, लेकिन उससे पहले ही दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। उन्‍हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल जैसे सम्मान से भी अलंकृत किया गया था।

पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी :

पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल देवेंद्र कुमार जोशी का जन्‍म अल्‍मोड़ा जिले के लक्ष्मीपुर गांव में हुआ था।डीके जोशी की पढ़ाई नैनीताल से हुई है।

एडमिरल डीके जोशी वर्ष 2012 में जल सेना के एडमिरल बनाए गए थे। उन्‍हें वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने अंडमान निकोबार का उपराज्यपाल बनाया। उन्‍हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, नौसेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्‍त हुए। वह पनडुब्बी युद्ध के विशेषज्ञ माने जाते हैं।।

पूर्व रॉ प्रमुख अनिल कुमार धस्माना :

पूर्व रॉ प्रमुख अनिल कुमार धस्माना का जन्‍म उत्‍तराखंड के देवप्रयाग के तोली गांव से 50 किलोमीटर दूर स्थित है। देश की खुफिया एजेंसी रॉ चीफ के तौर पर अनिल कुमार धस्माना ने देश की सेवा की है। धस्माना 1981 बैच के आईपीएस अफसर रहे हैं।

धस्माना कैबिनेट सेक्रेटेरियन में स्पेशल सेक्रेटरी की पोस्ट पर तैनात थे। अनिल कुमार धस्माना को बलूचिस्तान, आतंकरोधी ऑपरेशन और इस्लामिक मामलों में एक्सपर्ट के तौर पर जाना जाता है। उन्हें पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मामलों का भी अच्‍छा अनुभव है।

तटरक्षक बल के मुखिया राजेंद्र सिंह :

राजेंद्र सिंह को वर्ष 2016 में भारतीय तटरक्षक बल का नया महानिदेशक बनाया गया। वह मूलरूप से जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर के ग्राम बिरमू (चकराता) के रहने वाले हैं और उनका घर देहरादून में है। वह वर्ष 1980 में भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुए थे।

डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन ले. जनरल अनिल कुमार :

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार भट्ट मूल रूप से उत्‍तराखंड के टिहरी जिले के खतवाड़ गांव के रहने वाले हैं। उनका परिवार मसूरी में रहता है। वर्ष 2016 में लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कुमार भट्ट को डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) जैसे अहम पद पर नियुक्ति दी गई। अनिल कुमार भट्ट ने पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई थी। इनके नेतृत्व में भारत ने पीओके में पांच अलग स्थानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल

अजीत डोभाल का जन्म पौड़ी जिले के गिरि बनेल्स्युन गांव में हुआ था। उनके पिता मेजर जी एन डोभाल भारतीय सेना में अधिकारी थे।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सात साल पाकिस्तान में रहकर पाकिस्तनी खुफिया एंजेंसियों के पसीने छुड़वा दिए थे और किसी को कानों कान खबर नहीं हुई। इन्‍हें भारत का जेम्‍स बांड भी कहा जाता है। पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक में भी इनका बड़ा योगदान था। डोभाल पंजाब में उग्रवाद विरोधी अभियानों में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।

सीडीएस ले जनरल अनिल चौहान

भारत के नए सीडीएस ले जनरल अनिल चौहान पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं। ले जनरल अनिल चौहान देश के दूसरे चीफ आफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस नियुक्त किए गए हैं।

देहरादून के वसंत विहार में भी उनका घर है। वर्तमान में उनका परिवार दिल्ली में रहता है। ले जनरल अनिल चौहान आइएमए से वर्ष 1981 में पासआउट होकर 11 गोरखा राइफल्स में कमीशंड हुए थे।

Edited By: Nirmala Bohra

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