देहरादून, राज्य ब्यूरो। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी एकदूसरे के खिलाफ वार-पलटवार करने का मौका चूक नहीं रहे हैं। कोश्यारी के उनकी काली टोपी से राहुल गांधी के चिढ़ने के बयान पर हरीश रावत ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कोश्यारी की टोपी उत्तराखंड की नहीं है, वह 1942 के प्रतीकात्मक विरोध की रिप्लिका है। 

सोशल मीडिया पर कांग्रेस और भाजपा के उक्त दोनों नेता लंबे अरसे से भिड़े हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान ये भिड़ंत काफी हद तक व्यक्तिगत हमले तक भी पहुंच गई थी, जबकि चुनाव के नतीजे आने के बाद दोनों के एकदूसरे पर किए जा रहे सियासी हमले की जद में पार्टियों और उनकी रीति-नीति भी आ गई हैं।

कोश्यारी ने बीते रोज हरीश रावत पर हमला बोलने के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भी पद से इस्तीफा देने को लेकर निशाने पर लिया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को संसद के सेंट्रल हॉल में उनकी काली टोपी खलती थी।

कोश्यारी की इस टिप्पणी पर हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए कहा, काली टोपी खूब पहनिए, मगर याद रखिए गांधी जी ने जब अंग्रेजों भारत छोड़ो को नारा दिया था, कुछ सांस्कृतिक, राजनीतिक संगठनों ने उसके विरोध में काली टोपी पहली थी। हमारी उत्तराखंडी टोपी डार्क ब्लू ब्लैक सर्ज की टोपी होती है। जिस कपड़े की टोपी आप पहनते हैं, उस कपड़े का उपयोग उत्तराखंड में टोपी के लिए नहीं होता है।

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