विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एसएसबी गुरिल्ला संगठन ने CM आवास किया कूच, पुलिस से नोंकझोंक हुई, कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

Published: Mon, 17 Feb 2025 02:35 PM (IST)

देहरादून में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे गुरिल्ला संगठन की पुलिस से नोंकझोंक हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों ...और पढ़ें

हरिद्वार में गुरिल्ला संगठन ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। (तस्वीर जागरण।
हरिद्वार में गुरिल्ला संगठन ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। (तस्वीर जागरण।

HighLights

  1. हरिद्वार में गुरिल्ला संगठनों का CM आवास कूच
  2. संगठन की पुलिस से हुई नोंकझोंक
  3. संगठन सड़क पर धरने पर बैठ गया

जागरण संवाददाता, देहरादून। लंबित मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्ला संगठन उत्तराखंड ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। जिसके बाद प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए।

उग्र प्रदर्शन को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिह मौके पर पहुंचे। पदाधिकारियों ने उनको ज्ञापन दिया। बावजूद धरने पर डटे रहे। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी। पुलिस वाहन से प्रदर्शनकारियों को एकता विहार धरना स्थल छोड़ा गया।

गुरिल्ला संगठन ने सीएम आवास कूच किया

सोमवार को परेड ग्राउंड में एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्ला संगठन उत्तराखंड से जुड़े प्रशिक्षु बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए निकले। पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाने के साथ ही भारी फोर्स तैनात कर दी। बैरिकेडिंग के पास पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का घेरा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन मौके पर भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाल लिया।

इसे भी पढ़ें- यूपी के शहरों की तरह उत्‍तराखंड के इस शहर में भी लगा जाम, सुबह से रात तक बुरा हाल; कई घंटे लोग परेशान

इस दौरान प्रदर्शनकारी एवं पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जिसके बाद प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए। उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल एकता विहार छोड़ा गया।

संगठन के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह राणा ने बताया प्रमुख मांग सेवा की आयु के दायरे में आने वाले प्रशिक्षितों को राजकीय विभागों में नौकरी दी जाए। जो प्रशिक्षित सरकारी सेवा की आयु पार कर चुके हैं। उनको सम्मानजनक पेंशन दी जाए। वहीं मृतक प्रशिक्षु के आश्रित को नौकरी देने के साथ ही एक मुश्त धनराशि दी जाए।

संगठन सालों से आंदोलनरत हैं

बताया कि लंबित मागों को लेकर संगठन वर्षों से आंदोलनरत हैं। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। चेतावनी दी मांग पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश प्रसाद गैरोला, महासचिव महाबीर सिंह रावत, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार भट्ट, सुनीता चौधरी, नीमा पंत, गीता जोशी, उपेंद्र नेगी, राधा प्रधान आदि मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें- Uttarakhand Budget: कर राजस्व से जुटाएंगे 26 हजार करोड़ रुपये, बढ़ते खर्चों की प्रतिपूर्ति करने की चुनौती