देहरादून, जेएनएन। राजधानी में दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाने और पेंशन लगाने के नाम पर दिव्यांगों को ठगा जा रहा है। ताजा मामला दून चिकित्सालय का है। यहां एक एनजीओ के सदस्यों ने दिव्यांग से प्रमाण-पत्र बनाने और पेंशन लगाने के नाम दस हजार रुपये ऐंठ लिए। मगर, जब दिव्यांग के परिजन एक महीने बाद जिला समाज कल्याण कार्यालय में पेंशन की स्थिति जानने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि यहां कोई दस्तावेज जमा ही नहीं हुए हैं। पीड़ित के परिजनों ने इस संबंध में जिला समाज कल्याण कार्यालय में आरोपितों के खिलाफ शिकायत की है, जिसके बाद विभाग भी संदिग्ध एनजीओ पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है।

दरअसल, शनिवार दोपहर को विकासनगर निवासी पीड़ित की बहन सुमित्रा चौहान जिला समाज कल्याण कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने कर्मचारियों से अपने भाई की दिव्यांग पेंशन के दस्तावेज के संबंध में जानकारी लेनी चाही, लेकिन उन्हें बताया गया कि कार्यालय में इस नाम से दिव्यांग पेंशन का कोई दस्तावेज नहीं आया है। इस पर सुमित्रा ने बताया कि पिछले महीने जब वह अपने भाई का दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाने दून अस्पताल गई थीं, तब उन्हें किसी एनजीओ के सदस्य ने दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाने और दिव्यांग पेंशन लगाने का आश्वासन दिया था। 

इसके लिए कई तरह की फीस के रूप में 15 हजार रूपये की मांग की गई, लेकिन पैसों के अभाव में वह 10 हजार रुपये ही दे सकीं। सुमित्रा ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से उस व्यक्ति से फोन पर संपर्क करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन वह फोन नहीं उठा रहा। इस वजह से उन्हें कार्यालय आना पड़ा।

जिला समाज कल्याण अधिकारी जीत सिंह रावत ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। कुछ एनजीओ के संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होने की जानकारी मिल रही है। उनके कृत्यों से विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है। ऐसे एनजीओ की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

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Posted By: Raksha Panthari

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