देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का बुधवार को दिल्ली में निधन हो गया। 88 वर्षीय अग्रवाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पूर्व राज्यपाल के निधन पर गुरुवार को एक दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया गया है। 

सुदर्शन अग्रवाल जनवरी 2003 से लेकर 22 अक्टूबर 2007 तक उत्तराखंड के राज्यपाल थे। 25 अक्टूबर, 2007 को उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण की थी। इससे पहले वह उत्तरप्रदेश में भी तीन जुलाई, 2004 से सात जुलाई 2004 तक उत्तरप्रदेश के राज्यपाल भी रहे थे। इससे पहले वह राज्यसभा के महासचिव भी रहे। उत्तराखंड में राज्यपाल रहते हुए हिम ज्योति स्कूल की स्थापना में अहम भूमिका निभाने वाले सुदर्शन अग्रवाल का जन्म 19 जनवरी, 1931 में पंजाब के लुधियाना में हुआ था।

उनकी तबीयत लंबे समय से खराब थी। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उनके निधन की सूचना पर दु:ख जताते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। शोक संदेश में राज्यपाल ने कहा कि स्वर्गीय अग्रवाल एक कुशल प्रशासक, श्रेष्ठ विधिवेत्ता और महान समाजसेवी थे। उत्तराखंड का राज्यपाल रहते हुए उन्होंने प्रदेश के विकास को आदर्श दृष्टिकोण अपनाया। उनकी ओर से स्थापित हिम ज्योति स्कूल प्रदेश के लिए धरोहर है। उन्होंने सिक्किम और उत्तरप्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपने दायित्वों का भलीभांति निर्वहन किया। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वर्गीय अग्रवाल की राज्यपाल के रूप में उत्तराखंड को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी समाजसेवा में बड़ी रुचि थी। सरकार ने गुरुवार को पूर्व राज्यपाल के निधन पर एक दिनी राजकीय शोक घोषित किया है। राजकीय शोक पर प्रदेश के समस्त कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। शासकीय मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। 

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