देहरादून, जेएनएन। भारत व म्यांमार को जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की संभावना तलाशने गए उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव राकेश शर्मा, केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले अजय कोठियाल समेत चार भारतीय सकुशल वापस लौट आए हैं। इन सभी को म्यांमार की विद्रोही सेना अरक्कन ने बंधक बना लिया था। हालांकि, इस दौरान दिल्ली निवासी व दल के पांचवें सदस्य एक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई।

भारत-म्यांमार को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए भारत सरकार 109 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना पर काम कर रही है। यह काम पिछले करीब पांच साल से अधर में लटका था। ऐसे में केदारनाथ पुनर्निर्माण के सफल कार्य को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने पूर्व मुख्य सचिव राकेश शर्मा को परियोजना को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

केदारनाथ में कार्य के अनुभव को देखते हुए पूर्व मुख्य सचिव ने उत्तराखंड के अजय कोठियाल समेत तीन और लोगों को म्यांमार सीमा पर रेकी कार्य के लिए अपने साथ शामिल कर लिया था। यह पांच सदस्यीय दल तीन नवंबर को म्यांमार पहुंचा था। उसी दौरान दल के पास म्यांमार के एक सांसद की उपस्थिति पाई गई थी। जिसको लेकर विद्रोही सेना अरक्कन ने म्यांमार सांसद समेत भारतीय दल को भी बंधक बना लिया था।

यह भी पढ़ें: घर में घुसकर युवक पर धारदार हथियार से हमला, भाजपा नेता समेत छह पर मुकदमा

हालांकि, जब अरक्कन सेना को पता चला कि सांसद के अलावा अन्य लोग भारतीय नागरिक हैं तो उन्होंने इसकी पुख्ता तस्दीक के बाद सभी को रिहा करने का निर्णय लिया। दुर्भाग्यवश उसी दौरान दहशत के चलते भारतीय दल में शामिल दिल्ली निवासी वेणु गोपाल नाम के व्यक्ति की हार्ट अटैक के चलते मृत्यु हो गई। रिहा होने के बाद भारतीय दल वेणु गोपाल के शव को भारत लेकर आया गया और अब अन्य सभी लोग अपने घर वापस लौट आए हैं। घटना को लेकर किसी भी व्यक्ति ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया है। सिर्फ भारतीय दल ने घटना की पुष्टिभर की है।

यह भी पढ़ें: केदारनाथ से कांग्रेस विधायक मनोज पर पेट्रोल से हमले की कोशिश, गनर ने युवकों को दबोचा

 

Posted By: Sunil Negi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस