देहरादून, विकास धूलिया। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर आए सियासी संकट को टालने बतौर पार्टी पर्यवेक्षक जयपुर पहुंचे कांग्रेस महासचिव व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दावा किया कि फ्लोर टेस्ट में सरकार अपना बहुमत साबित कर देगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में मौजूद कई कांग्रेस विधायकों से संपर्क बना हुआ है और इनमें से अधिकांश पार्टी के साथ हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद 22 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे से मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पर आए संकट को टालने का जिम्मा कांग्रेस आलाकमान ने राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक के साथ उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को सौंपा है। दोनों को पार्टी पर्यवेक्षक बनाकर जयपुर भेजा गया है, जहां भोपाल से आकर कांग्रेस विधायक टिके हुए हैं। बुधवार को कांग्रेस के इन दोनों महासचिवों ने जयपुर में मोर्चा संभाल लिया।

दरअसल, मार्च 2016 में उत्तराखंड में मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत स्वयं इसी तरह की सियासी आपदा से रूबरू हो चुके हैं। 18 मार्च 2016 को राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नेतृत्व में नौ कांग्रेस विधायकों ने सदन में ही बगावत का झंडा बुलंद कर दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। तब कुछ समय के लिए उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन भी लगा। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद 10 मई को 2016 को हुए फ्लोर टेस्ट में हरीश रावत बहुमत साबित कर अपनी सरकार बचाने में कामयाब रहे।

रावत उत्तराखंड में तो कांग्रेस में टूट के बावजूद अपनी सरकार बचा ले गए थे, लेकिन अब मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को बचाने की चुनौती उनके सामने है। जयपुर से फोन पर 'दैनिक जागरण' से बातचीत में हरीश रावत ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं। सिंधिया का साथ दे रहे कांग्रेस विधायक अब अपने भविष्य की सोच रहे हैं। कई विधायकों से बात हुई है और लगता है कि कमलनाथ विधानसभा में अपना बहुमत आसानी से साबित कर देंगे। कब तक विधायक जयपुर में ठहरेंगे, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

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बहुमत साबित करेगी कमलनाथ सरकार 

हरीश रावत ने कहा कि जब तक ज्योतिरादित्य कांग्रेस लीडर थे, कांग्रेस के कुछ विधायक उनके साथ थे। जैसे ही वह भाजपा में शामिल हुए, कई विधायक उनसे अलग हो गए। ये विधायक अब स्वयं के सुरक्षित राजनैतिक भविष्य को लेकर सोच रहे हैं। बेंगलुरु में मौजूद कई कांग्रेस विधायकों से हमारा संपर्क हुआ है। पूरा विश्वास है कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने में सफल रहेगी।

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Posted By: Bhanu Prakash Sharma

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