ऋषिकेश, जेएनएन। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के आई बैंक में करीब ढाई माह में मृत्यु उपरांत 54 लोगों के कॉर्निया दान किए गए। जबकि संस्थान में अब तक अंधेपन से जूझ रहे 33 लोगों को सफलतापूर्वक कॉर्निया प्रत्यारोपित किए जा चुके हैं। आई बैंक के अनुसार नवंबर महीने में ही छह दृष्टिहीन लोगों को कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। 

एम्स प्रशासन ने नेत्रदान महादान के संकल्प के साथ कॉर्निया का दान कराने वाले परिवारों का आभार व्यक्त किया है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रविकांत ने बताया कि भारत में दृष्टिहीन लोगों की संख्या में साल दर साल करीब 40 से 50 हजार लोगों की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है, लिहाजा नेत्रदान के संकल्प के बिना कॉर्निया अंधेपन की समस्या से लोगों को निजात दिला पाना हरगिज संभव नहीं है। 

उन्होंने बताया कि नेत्रदान के प्रति जनजागरूकता से ही अंधता से ग्रसित लोगों की समस्या का समाधान संभव है। जिसके मद्देनजर एम्स संस्थान लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने को लेकर लगातार मुहिम चला रहा है। प्रो. रविकांत ने कहा कि हम सभी को नेत्रदान को लेकर जागरूक होने की जरूरत है। एम्स के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव मित्तल और नेत्र कोष की चिकित्सा निदेशक डॉ. नीति गुप्ता ने बताया कि नवंबर में अब तक तीन लोग नेत्रदान करा चुके हैं, जबकि छह लोगों को कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। 

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उनका कहना है कि इस माह परिजनों ने ऋषिकेश निवासी अंजली देवी और पूनम देवी और रुड़की निवासी डॉ. गोविंद सिंह बिष्ट के निधन पर नेत्रदान महादान के संकल्प के साथ एम्स नेत्र बैंक को कॉर्निया दान की। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि नेत्रदान करने के इच्छुक व्यक्ति एम्स ऋषिकेश के आई बैंक में दूरभाष संख्या 0135-2460835 और 09068563883 पर संपर्क कर सकते हैं।

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