देहरादून, राज्य ब्यूरो। पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत की पीड़ा एक बार फिर उनकी जुबां पर आ गई। वर्ष 2016 में विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में स्टिंग की जांच सीबीआइ की ओर से पूरी किए जाने के बाद हरदा को आशंका है कि उन्हें सियासी तौर पर मिटाने की कोशिशें हो रही हैं।

फेसबुक पर एक पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, 'मेरे राजनीतिक जीवन में एक बार और दुर्दश, दुर्घष चुनौतीपूर्ण क्षण आ रहा है। कुछ ताकतें मुझे मिटा देना चाहती हैं। मैं मिटूंगा अवश्य, परंतु उत्तराखंडी गंगलोड़ (पर्वतीय क्षेत्र में नदियों, गदेरों के इर्द-गिर्द मिलने वाला गोल पत्थर) की तरह लुढ़कते-लुढ़कते, घिसते-घिसते इस मिट्टी में मिल जाऊंगा, परंतु टूटूंगा नहीं।' पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी टिप्पणी में इशारों ही इशारों में वर्ष 2016 में उनके मुख्यमंत्रित्व वाली कांग्रेस सरकार गिराने की बात भी कह डाली। 

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अब सीबीआइ जांच रिपोर्ट सामने आने से उनके स्टिंग का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आना तय माना जा रहा है। हरदा की पीड़ा की वजह यह भी है। दरअसल पार्टी के बाहर ही नहीं, भीतर भी उक्त स्टिंग को लेकर हरदा को निशाने पर लिया जाता रहा है। यह दीगर बात है कि हर बाद वह अपना अलहदा अंदाज सामने रखने में कामयाब हो जाते हैं।

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