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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आपात स्थिति में नजदीकी निजी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं कर्मचारी

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Published: Wed, 04 Dec 2019 08:37 PM (IST)Updated: Thu, 05 Dec 2019 11:31 AM (IST)

कर्मचारी राज्य बीमा योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारी आपात स्थिति में सूची में शामिल अस्पताल के साथ ही अन्य निजी अस्पताल से भी अपना इलाज करा सकते हैं।

आपात स्थिति में नजदीकी निजी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं कर्मचारी
आपात स्थिति में नजदीकी निजी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं कर्मचारी

देहरादून, राज्य ब्यूरो। कर्मचारी राज्य बीमा योजना के दायरे में आने वाले कर्मचारी आपात स्थिति में सूची में शामिल अस्पताल के साथ ही अन्य निजी अस्पताल से भी अपना इलाज करा सकते हैं। उन्हें इसकी सूचना राज्य बीमा योजना की डिस्पेंसरी को 72 घंटे के भीतर देनी होगी। पहले यह समय 48 घंटे का था। 

सरकार ने अब अकेले मजदूर को भी स्वैच्छिक रूप से योजना में शामिल होने पर योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। श्रम एवं सेवा योजना मंत्री हरक सिंह रावत ने सदन में भगवानपुर विधायक ममता राकेश के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि कि प्रदेश में 6,55,830 पंजीकृत श्रमिक हैं। योजना के तहत 32,75,591 लाभार्थी हैं। इएसआइ की कुल 28 डिस्पेंसरी हैं और 39 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि अभी किसी भी संस्थान में पांच से अधिक कर्मचारी होने पर उन्हें भी राज्य बीमा योजना के तहत सम्मलित किया जाएगा। 

इसकी केवल यही शर्त है कि कार्मिक का वेतन 21 हजार रुपये से कम होगा। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि विभाग पर्वतीय जिलों में भी इस योजना का विस्तार करने की तैयारी कर रहा है। यहां जल्द ही नई डिस्पेंसरी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा चिकित्सकों के रिक्त पदों को भी भरा जा रहा है।

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डिस्पेंसरी द्वारा जानबूझ कर निजी अस्पतालों में मरीजों को रेफर करने के सवाल पर कैबिनेट मंत्री ने इसे आरोप बताते हुए सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। इस कारण गंभीर बीमारी आदि प्रकरणों पर मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजा जाता है।

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