जागरण संवाददाता, नई टिहरी : टिहरी जिला कोषागार में तैनात लापता चल रहे दो कर्मचारियों के खिलाफ सहायक कोषाधिकारी ने नई टिहरी कोतवाली में सरकारी धन के गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। एसएसपी ने बताया कि दोनों पर दो करोड़ 21 लाख 23 हजार 150 रुपये के गबन का आरोप है। कोषागार में कार्यरत लेखाकार जयप्रकाश शाह और लेखाकार यशपाल नेगी बीते 25 दिसंबर से लापता चल रहे हैं। एसएसपी टिहरी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि दोनों कर्मचारियों के स्वजन की तरफ से 27 दिसंबर को नई टिहरी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।

जिसके बाद पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। लेकिन, अब इस मामले में कोषागार की तरफ से दोनों लापता कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी धन के गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है। बीते बुधवार को ऋषिकेश में जयप्रकाश शाह की कार बरामद की गई है। जिसमें कोषागार की 103 सरकारी फाइलें मिली हैं। दोनों के मोबाइल फोन भी 25 दिसंबर से बंद है। दोनों की तलाश की जा रही है। जिलाधिकारी इवा श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

कोषागार में हो सकता है बड़ा घोटाला

टिहरी के कोषागार में अभी फिलहाल दो करोड़ 21 लाख 23 हजार 150 रुपये के गबन का अंदेशा जताया जा रहा है। लेकिन, यह रकम इससे बड़ी भी हो सकती है। कोषागार के सूत्रों के मुताबिक मृतक पेंशनरों की पेंशन भी पिछले काफी समय से अलग-अलग बैंक खातों में डाली जा रही थी। दोनों लापता कर्मचारियों के बैंक खाते में भी लाखों रुपये होने की जानकारी सामने आई है। दोनों के बैंक खातों से काफी लेन देन भी अन्य खातों में हुआ है। जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

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एसआइटी करेगी जांच

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि करोड़ों रुपये के गबन के मामले में जांच के लिए जिला स्तर पर एसआइटी गठित की गई है। गबन की जांच के लिए सीओ आपरेशन अस्मिता ममगाईं के नेतृत्व में एसओजी और साइबर सेल की पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम ने जांच शुरू कर दी है।

नरेंद्रनगर कोषागार में भी चल रही जांच

टिहरी कोषागार के अलावा नरेंद्रनगर कोषागार में भी इन दिनों एक अंदरुनी जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वहां पर भी कुछ गड़बड़ी पाई गई हंै और इसी तरह पेंशन आदि प्रकरणों में कुछ सरकारी धन का गबन किया गया है। कोषागार के अधिकारी अपने स्तर पर ही इसकी जांच करा रहे हैं। हालांकि अभी कोषागार की तरफ से पुलिस के पास कोई तहरीर नहीं दी गई है।

अधिकारियों को नहीं लगी भनक

टिहरी कोषागार में पिछले काफी समय से पेंशनरों की पेंशन और अन्य मामलों में गबन का खेल चल रहा था। लेकिन, अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। कोषागार में वरिष्ठ कोषाधिकारी नमिता सिंह और अन्य अधिकारियों को इसकी जानकारी शासन स्तर से ही लगी। सूत्रों की मानें तो शासन स्तर से ही कुछ दिन पहले यह गोलमाल पकड़ा गया। जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ।

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Edited By: Sumit Kumar