देहरादून, जेएनएन। पौराणिक परंपराओं के अनुसार विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज पर्व पर 29 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इससे पहले 28 अक्टूबर को अन्नकूट पर्व पर गंगोत्री धाम के कपाट बंद होंगे, जबकि द्वितीय केदार मध्यमेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजयदशमी पर्व पर आठ अक्टूबर को तय की जाएगी। 

पौराणिक पंरपरा के अनुसार बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज पर्व पर बंद किए जाते हैं। जो कि इस बार 29 अक्टूबर को पड़ रहा है। कपाटबंदी के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति तैयारियों में जुट गई है। मंदिर समिति के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी ने बताया कि पंचगद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विजयदशमी पर्व पर केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने का मुहूर्त घोषित होगा। साथ ही द्वितीय और तृतीय केदार के कपाट होने का मुहूर्त भी निकाला जाएगा।

उधर, गंगोत्री मंदिर के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल और यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने का मुहूर्त भी विजयदशमी पर्व पर ही निकाला जाएगा।

यह भी पढ़ें: देवियों में सर्वोपरि है मां गंगा, दुर्गा के रूप में होती उनकी पूजा अर्चना 

परंपरा के अनुसार गंगोत्री के कपाट अन्नकूट और यमुनोत्री के कपाट भैयादूज पर्व पर बंद किए जाते हैं। जबकि, हिमालय के पांचवें धाम हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि पहले ही घोषित की जा चुकी है। हेमकुंड के कपाट दस अक्टूबर को बंद किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें: यहां गिरा था देवी सती का सिर, मां के दर्शन करने से मिट जाते हैं समस्त पाप

Posted By: Raksha Panthari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस