देहरादून, जेएनएन। दून में सड़कें पहले ही क्षमता से दोगुना अधिक यातायात दबाव झेल रही हैं और उस पर भी आएदिन शोभायात्रा व जुलूस-रैलियों का अतिरिक्त दबाव। ऐसे में रोज-रोज का जाम दून की नियति बन चुका है। जब भी शहर की सड़कों पर जुलूस एवं शोभायात्रा निकलती है तो यातायात व्यवस्था धराशायी हो जाती है। पुलिस का यातायात प्लान भी फ्लॉप हो जाता है और शोभायात्रा, रैलियां तय नियमों को ताक पर रखकर गुजरती हैं। मंगलवार को भी ऐसा ही हुआ, जब शहर में श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर समिति की शोभायात्रा ने पूरे शहर का चक्का जाम कर दिया। शोभायात्रा के चलते पुलिस ने मुख्य मार्ग डायवर्ट कर दिए और आइएसबीटी से शहर में आने-जाने वाला पब्लिक ट्रांसपोर्ट चार घंटे बंद रखा। जिससे शहरवासियों के साथ ही बाहर से आने वाले लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

शोभायात्रा का समय शिवाजी धर्मशाला सहारनपुर रोड से निकलने का समय सुबह दस बजे था, लेकिन यह एक घंटे की देरी से शुरू हुई। इससे पूर्व पुलिस ने पटेलनगर लालपुल से सहारनपुर चौक की तरफ बस, विक्रम, कार, ई-रिक्शा का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया। इससे अंतर्राज्यीय बस अड्डे (आइएसबीटी) से शहर की ओर आने के लिए कोई भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं मिला। दूसरे प्रदेशों एवं जिलों से आने वाले लोगों को दून अस्पताल, तहसील, कचहरी जाने के लिए दुपहिया पर लिफ्ट मांगकर या फिर पैदल ही यह दूरी नापनी पड़ी। वाहन नहीं मिलने से सर्वाधिक परेशानी बुजुर्ग, मरीजों, महिलाओं व बच्चों को हुई।

स्थानीय लोगों को भी घंटों जाम से जूझना पड़ा। स्थिति ये हुई कि जिसे जहां जगह मिली, वहां वाहन घुसा दिए। जिससे गलियां तक पैक हो गई। स्थिति पलटन बाजार में उस वक्त और बुरी हो गई, जब हर संपर्क मार्ग को पुलिस की ओर से बंद कर दिया गया। ऐसे में वाहन संचालक इधर से उधर गलियों में भटकते रहे। धीरे-धीरे पूरा शहर जाम की चपेट में आ गया। तमाम मुख्य सड़कें पैक हो गई व लोग घंटों जाम में फंसे रहे। शाम तक यही स्थिति रही। इसे लेकर आमजन में खासा गुस्सा भी नजर आया।

यहां यहां लगा जाम 

सहारनपुर रोड, गांधी रोड, प्रिंस चौक, राजपुर रोड, घंटाघर, चकराता रोड, मंडी, जीएमएस रोड, कारगी चौक, रिस्पना पुल, अजबपुर रेलवे ओवरब्रिज, देहराखास रोड, लक्खीबाग, कांवली रोड, झंडा बाजार व पलटन बाजार आदि।

एंबुलेंस भी जाम में फंसी

ट्रैफिक डायवर्ट होने से चकराता रोड पर वाहनों का दवाब बढ़ गया। इस जाम में एंबुलेंस भी फंस गई। आगे पीछे वाहनों की लंबी कतार होने की वजह से एंबुलेंस को रास्ता ही नहीं मिला। करीब आधे पौन घंटे बाद किसी तरह एंबुलेंस अस्पताल के लिए निकल सकी।

यात्रा के बाद गंदगी का अंबार

शोभायात्रा के आयोजक दावा कर रहे थे कि यात्रा के पीछे-पीछे सफाई के व्यापक इंतजाम किए गए हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यात्रा के दौरान जगह-जगह खाने के स्टॉल लगे हुए थे, जहां प्रतिबंधित प्लास्टिक के गिलास व प्लेट इस्तेमाल हो रहे थे। प्रयोग के बाद लोगों ने ये गिलास व प्लेटें सड़क पर ही फेंक दिए। इनकी सफाई को लेकर कोई आगे नहीं आया और सहारनपुर चौक से पलटन बाजार, घंटाघर व चकराता रोड तक गंदगी का अंबार लगा रहा। समाजसेवी अनूप नौटियाल ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर भी किया। जिसमें चकराता रोड पर प्लास्टिक के गिलास और प्लेटें पूरी सड़क पर फैली हुई दिखी। 

परेशानी लोगों की जुबानी

  • रणवीर सिंह (निवासी रुड़की) का कहना है कि दून अस्पताल में पैर के उपचार के लिए आया था। आईएसबीटी से टेंपो नहीं मिला तो पैदल-पैदल सहारनपुर चौक पहुंचा हूं। अब पैर में दर्द होने लगा। टेंपो, ई रिक्शा का इंतजार करते समय बीत गया।
  • राहुल (निवासी आईएसबीटी) का कहना है कि ट्रैफिक डायवर्जन के बाद भी सड़कों पर जाम है। घंटाघर जाना है, आधे घंटे से ज्यादा समय से जाम में फंसा हुआ है। पुलिस को यातायात सुचारु रखने के लिए भी इंतजाम करना चाहिए।
  • शरद शर्मा (निवासी रायपुर) का कहना है कि खरीदारी के लिए बाजार को निकली थी। जाम में फंस गई। इतनी भीड़ है कि सड़क पार करना भी मुश्किल हो रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों के आवाजाही के लिए कोई विकल्प तो होना चाहिए।
  • मीना नेगी (निवासी ब्रहृमणवाला) का कहना है कि सुबह सुबह आफिस, कालेज, दुकान जाने का समय होता है। सड़क पर बहुत लंबा जाम लगा है। इससे लोगों को परेशानियां होती हैं। मैं खुद जाम में परेशान हो रही हूं।

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Posted By: Sunil Negi

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