Corona vaccination: कोरोना टीकाकरण के लिए अब नहीं करना होगा एसएमएस का इंतजार, जानिए नई व्यवस्था
Corona vaccination कोरोना से शुरू हुई निर्णायक जंग में सहूलियत के लिए बनाया गया कोविन पोर्टल ही दिक्कत खड़ी कर रहा है। देशभर के लाभार्थियों का लगातार बढ़ते डाटा का बोझ पोर्टल की रफ्तार को बेहद धीमा कर चुका है। ऐसे में अब इसका तोड़ तलाशा जा रहा है।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Corona vaccination कोरोना से शुरू हुई निर्णायक जंग में सहूलियत के लिए बनाया गया कोविन पोर्टल ही दिक्कत खड़ी कर रहा है। देशभर के लाभार्थियों का लगातार बढ़ते डाटा का बोझ पोर्टल की रफ्तार को बेहद धीमा कर चुका है। ऐसे में अब इसका तोड़ तलाशा जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब स्वास्थ्य कर्मियों को मोबाइल पर एसएमएस आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि पहले से चिह्नित स्वास्थ्य कर्मियों को कभी भी टीकाकरण के लिए बुलाया जा सकेगा।
टीकाकरण के डाटाबेस के लिए तैयार किए गए कोविन पोर्टल से अनुपस्थित रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को हर दिन एसएमएस जा रहे हैं। इस वजह से नए व्यक्तियों का टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। राज्य सरकार की ओर से केंद्र के अफसरों को इस बारे में सूचित किया गया था। इसके बाद अब केंद्र सरकार ने राज्य को निर्देश दिए हैं कि वे कोविन पोर्टल पर पहले से दर्ज स्वास्थ्य कर्मियों को बारी-बारी से टीकाकरण के लिए बिना एसएमएस के ही बुला सकते हैं। अभी तक एक बूथ पर उन्हीं सौ व्यक्तियों का टीकाकरण होना था, जिन्हें पोर्टल से मैसेज मिल रहे थे। पर अब पोर्टल पर एड बेनीफीशरी का एक अलग लिंक दिया गया है। यहां पर उन व्यक्तियों के नाम जोड़े जा सकते हैं, जो स्वास्थ्य कर्मी पहले ही पोर्टल पर दर्ज हैं, लेकिन टीकाकरण के लिए उनकी बारी नहीं आई है। राज्य में कोविड कंट्रोल रूम के चीफ कंट्रोलिंग ऑफीसर डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र सरकार ने कोविन पोर्टल पर बदलाव करते हुए राज्य को यह सहूलियत दे दी है। इससे राज्य में टीकाकरण बढ़ने की उम्मीद है।
ये आ रही दिक्कत
जिन व्यक्तियों को सुबह नौ बजे से टीका लेना होता है, उन्हें देर रात साढ़े दस बजे या 11 बजे तक पोर्टल से मैसेज मिलता है। ऐसे में कई लोग सुबह ही मैसेज देख पाते हैं। कई लोग या तो उस दिन व्यस्त होते हैं, या कहीं बाहर होते हैं। वहीं कुछ लोग मैसेज मिलने के बावजूद टीका लेने नहीं पहुंचते हैं। टीकाकरण केंद्र के अधिकारियों को कोविन पोर्टल में रजिस्टर्ड व्यक्तियों की सूची राज्य स्वास्थ्य समिति से देर शाम पहुंचती है। ऐसे में सभी लाभार्थियों को किसी प्रकार फोन पर सूचना देने के बावजूद लोग खुद को इतनी जल्दी टीकाकरण के लिए तैयार नहीं कर पाते हैं। इसके अलावा टीकाकरण से अनुपस्थित रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को भी हर दिन रिपीट एसएमएस जा रहे हैं।
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