देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश के करीब 15 राजकीय डिग्री कॉलेजों को अब प्रभारी प्राचार्यों से संतोष करना पड़ेगा। पदोन्नति पर रोक के चलते प्राचार्य पदों पर पदोन्नति में अड़ंगा लगा है। इसके चलते सरकार अब वरिष्ठता के आधार पर डिग्री शिक्षकों को प्रभारी प्राचार्यों के रूप में तैनात करेगी। 

प्रदेश में सरकारी डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य पदों पर डीपीसी की प्रक्रिया बीते जुलाई माह से रुकी हुई है। राजकीय पीजी कॉलेजों के प्राचार्यों पदों के लिए डीपीसी होने के बाद पदोन्नत दो प्राचार्यो को तैनाती मिल देने के बाद स्नातक स्तर के सरकारी डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य पदों की डीपीसी अधर में लटक गई है। इन पदों के लिए डीपीसी बीती 29 जुलाई को होनी थी। बाद में अदालत में पदोन्नति को लेकर दायर याचिका के चलते सरकार ने पदोन्नति पर ही रोक लगा दी। 
इसके चलते उच्च शिक्षा समेत विभागों में पदोन्नति पर रोक लगी हुई है। डिग्री प्राचार्य के करीब 15 पदों पर पदोन्नति की जानी है। अब इन पदों पर डिग्री शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर प्रभारी प्राचार्यो के रूप में डिग्री कॉलेजों में तैनाती दी जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकारी डिग्री कॉलेजों में प्राचार्यो के रिक्त पदों को जल्द भरने के निर्देश दे चुके हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के मद्देनजर शासन के निर्देश पर उच्च शिक्षा महकमे ने कसरत शुरू कर दी है। पदोन्नति पर रोक हटने के बाद नियमित प्राचार्यो की तैनाती की जाएगी। उच्च शिक्षा सचिव अशोक कुमार ने कहा कि डिग्री कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्यों की तैनाती जल्द की जाएगी।

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