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    Coronavirus: कोरोना से जंग में जुटे कर्मचारियों को रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना जरूरी

    By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
    Updated: Fri, 10 Apr 2020 12:58 PM (IST)

    कोरोना वायरस के संक्रमण के साथ ही डेंगू के डंक से भी शहर को बचाने की कवायद में नगर निगम जुट गया है। कोरोना से जंग में जुटे कर्मचारियों की रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग भी शुरू की गई है।

    Coronavirus: कोरोना से जंग में जुटे कर्मचारियों को रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना जरूरी

    ऋषिकेश, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण के साथ ही डेंगू के डंक से भी शहर को बचाने की कवायद में नगर निगम जुट गया है। इसके लिए निगम ने दस और फॉगिंग मशीन लगा दी हैं। कोरोना से जंग में जुटे कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी शुरू कर दी गई है।

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    नगर निगम में थर्मल स्कैनिग मशीन भी पहुंच गई। महापौर अनिता ममगाईं ने सेनिटाइजेशन, स्वच्छता एवं तमाम आवश्यक सेवाओं के लिए दिनरात जुटे रहने वाले कर्मचारियों की जांच कराई। इस जांच में किसी को संक्रमण नहीं मिला। महापौर ममगाईं ने बताया कि कोरोना की प्रारंभिक जांच में थर्मल स्कैनिंग मशीन सबसे अधिक कारगर है। निगम में मशीन के लगने के बाद अब निगम में एंट्री करने वाले तमाम कर्मचारियों सहित हर किसी के लिए थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना आवश्यक होगा। 

    उन्होंने बताया कि शहर में सेनिटाइजेशन के लिए दो पालियों में लगातार छिड़काव करने के साथ-साथ आज से डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी की रोकथाम के लिए भी निगम के शहरी वाडोर्ं के साथ निगम के ग्रामीण क्षेत्रों में फॉ¨गग शुरू करा दी गई है। उन्होंने बताया कि निगम के पास कुल तीन फा¨गग मशीनें थी। इस कमी को देखते हुए 10 और नई मशीनें मंगवाई गई थी। जिनसे आज से ही कार्य शुरू कर दिया गया है।

    स्वास्थ्यकर्मियों को दी संक्रमण से बचाव की जानकारी

    स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जौलीग्रांट के सामुदायिक चिकित्सा की ओर से कोरोना महामारी के लक्षण व बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। समुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. जयंती सेमवाल ने बताया कि विभाग की ओर से हिमालयन अस्पताल में कार्य कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को सेवाएं देते समय संक्रमण से बचाव की जानकारी भी दी गई। 

    डॉ. रुचि जुयाल ने अस्पताल के वार्ड ब्वाय, कैश काउंटर कर्मी, रजिस्ट्रेशन कर्मी व अन्य विभागों में बताया कि रोगी से 100 मीटर की दूरी निर्धारित करें, वही हाथों को लगातार धोते रहें, धोने के लिए साबुन उपलब्धता नहीं है तो सेनिटाइजर से हाथों को साफ करें।

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    सामुदायिक चिकित्सा विभाग से डॉ. दीपशिखा ने आस-पास के क्षेत्रों में जाकर कोरोना महामारी के बचाव व इसके लक्षणों को पहचानने को लेकर जागरूक कर सरकार व स्वास्थ्य विभाग की गाइड लाइनों का पालन करने व लॉकडाउन में अपने घरों पर रहने की सलाह दी।

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