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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून में चार लोग हुए ठगी का शिकार, साइबर ठग ने कहीं बिजली कनेक्शन काटने…तो कहीं कोरियर के नाम पर ऐंठे ढाई लाख

Published: Tue, 27 Feb 2024 07:47 PM (IST)

Dehradun Crime News शिकायतकर्ता ने बताया कि बहन अर्चना नेगी ने अपने दिए नंबर पर फोन किया तो ठग ने ...और पढ़ें

साइबर ठगों ने चार अलग-अलग तरीकों से चार लोगों को बनाया ठगी का शिकार
साइबर ठगों ने चार अलग-अलग तरीकों से चार लोगों को बनाया ठगी का शिकार

जागरण संवाददाता, देहरादून। Dehradun Crime News: साइबर ठगों ने चार विभिन्न मामलों में चार लोगों को ठगी का शिकार बनाते हुए उनसे ढाई लाख रुपये ठग लिए। अमित सिंह नेगी निवासी बालावाला रायपुर ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें वाट्सएप नंबर पर मैसेज आया कि आपका बिजली का बिल अपडेट न होने के कारण आपका बिजली का कनेक्शन काटा जा रहा है। अपना बिजली का बिल अपडेट करने के लिए संपर्क करने को कहा।

शिकायतकर्ता ने बताया कि बहन अर्चना नेगी ने अपने दिए नंबर पर फोन किया तो ठग ने कहा कि वह बिजली विभाग से बोल रहा है, और बिल अपडेट करने के लिए उसने गूगल प्ले स्टोर से क्विक सपोर्ट एप व इलेक्ट्रिसिटी बल अपडेट नाम की एप डाउनलोड करवाई। इसके बाद गूगल पे से 10 रुपये प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कहा और थोड़ी ही देर में उनके खाते से 48,500 रुपये कट गए। इस मामले में रायपुर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बहन के एक्सीडेंट की बात कहकर ठगे 50 हजार रुपये

वहीं भूतपूर्व सैनिक भरत सिंह रावत निवासी शिवाजी एंक्लेव वाणी विहार, रायपुर ने बताया कि उन्हें छह दिसंबर को वाट्सएप पर फोन आया। व्यक्ति ने कहा कि वह प्रकाश कटोच बोल रहा है। वाट्सएप पर डीपी भी सैनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश कटोच की लगी थी जोकि उनके पूर्व परिचित अधिकारी हैं।

फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनकी बहन का ऋषिकेश के पास एक्सीडेंट हो गया है इसलिए उसे तत्काल मदद की जरूरत है। ठग ने उनसे 50 हजार रुपये गूगल-पे से मंगवा लिए और उसके बाद संपर्क करना बंद कर दिया।

दूसरी ओर दिलीप मिश्रा निवासी कैनाल रोड़, किशनपुर ने बताया कि उन्होंने एटीएम कार्ड के लिए अप्लाई किया, जोकि कोरियर के माध्यम से पहुंचना था। उन्होंने कोरियर का ट्रैक चेक करने के लिए गूगल पर नंबर ढूंढकर पता किया जोकि लखनऊ में होना बताया गया। दो दिन बाद भी कोरियर नहीं मिला तो उन्होंने गूगल पर जाकर स्पीड पोस्ट ट्रेकिंग वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक किया।

कोरियर मंगवाना है तो ऑनलाइन 10 रुपये करना होगा जमा

इसी दौरान उन्हें फोन आया कि आपका कोरियर पहुंच गया था, आपको फोन किया गया, लेकिन आपने फोन नहीं उठाया। इसलिए कोरियर रिटर्निंग में डाल दिया गया है। कोरियर वापस मंगवाना है तो 10 रुपये आनलाइन फीस जमा करनी होगी। ठग ने एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक किया तो उसमें एक ऐप खुला और एक रुपये जमा करने का फार्मेट आया तो उन्होंने 10 रुपये यूपीआइ के माध्यम से आनलाइन पेंमेट किया। इसके बाद उनके खतो से एक लाख रुपये कट गए।

क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करने के बदले ठगे 50 हजार रुपये

साइबर ठग ने एक व्यक्ति से क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराने का झांसा देकर 50 हजार रुपये निकाल लिए। शिकायतकर्ता अवतार पटियाल निवासी राजेश्वर नगर ने बताया कि उन्होंने इंडसइंड बैंक का क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई किया था, जोकि उन्हें 19 फरवरी को कोरियर के माध्यम से प्राप्त हो गया था।

क्रेडिट कार्ड मिलने के कुछ ही देर बाद उन्हें एक नंबर से फोन आया ठग ने खुद को बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग का कर्मचारी बताया और क्रेडिट कार्ड से संबंधित जानकारी दी। कार्ड एक्टिवेट करने के लिए उसने प्लेस्टोर से एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा और थोड़ी ही देर बाद खाते से 49,600 रुपये निकल गए। इस मामले में राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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