विकासनगर(देहरादून), राजेश पंवार। कोरोना वायरस सक्रमण को लेकर जहां शहरों में लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन को ताकत झोंकनी पड़ रही है। वहीं, एक ऐसा गांव भी है, जहां लोग लॉकडाउन में अपने कदम थामे हुए हैं। यही नहीं अगर कोई इसे तोड़ने का प्रयास करता है, तो उसके रोकने के लिए प्रधान ने गांव के चौराहे और प्रवेश मार्ग पर कुल आठ कैमरे लगा रखे हैं। 2867 आबादी वाले इस गांव में यह व्यवस्था कोरोना को हराने के लिए है।

ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार 2020 के लिए चयनित राज्य की एक मात्र ग्राम पंचायत केदारावाला पुरस्कार के पैरामीटर पर पूरी तरह खरा उतरा है। ग्राम पंचायत की महिला ग्राम प्रधान तबस्सुम इमरान ने न केवल विकास की योजनाओं को गांव में लागू किया है, बल्कि कोविड-19 के संक्रमण से ग्रामीणों को बचाने को भी भगीरथ प्रयास की हैं। लॉकडाउन का उल्लंघन न हो, इसके लिए पूरे गांव के मुख्य प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है। पूरे गांव को सैनिटाइज कराने के साथ ही रोजाना सफाई की व्यवस्था भी की गई है। दीवारों पर पेटिंग के माध्यम से कोरोना महामारी के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। 

ग्राम पंचायत केदारावाला को राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस पर ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। ग्राम पंचायत में नियमित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, पौधरोपण, सिंचाई की उचित व्यवस्था, केंद्र सरकार की ऑनलाइन सभी एप्लीकेशन अपडेट, सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था व ई रिक्शा से कूड़ा उठान कार्य तो कराए ही, साथ ही पंचायतों से जुड़े सभी विभागों मनरेगा, समाज कल्याण, जिला योजना, कृषि, जड़ी बूटी, उद्यान, स्वच्छ भारत मिशन, लोक निर्माण विभाग आदि से बेहतर सामंजस्य स्थापित कर कार्य कराए। 

इसके अलावा पथ प्रकाश, सरकारी संपत्तियों का रखरखाव, सड़कों का निर्माण कराकर पंचायत का कायाकल्प कराया। सीसीटीवी कैमरों से ऑनलाइन निगरानी करायी गई। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने को सिलाई, बुनाई, कढ़ाई, मशरूम उत्पादन, हैंडीक्राफ्ट आदि का प्रशिक्षण दिलाया गया। योजनाओं के बेहतर प्रचार प्रसार, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, कौशल विकास, प्रधानमंत्री डिजिटल, साक्षरता अभियान आदि में ग्राम पंचायत ने उल्लेखनीय कार्य कर राष्ट्रीय ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार हासिल किया है। 

पंचायत में लॉकडाउन में फंसे दूसरे राज्यों के मजदूरों व जमातियों को क्वारंटाइन कराकर राशन दिया गया, साथ ही मास्क व सेनिटाइजर दिए गए। ग्राम प्रधान तबस्सुम ने जागरूक ग्रामीणों की मदद से पंचायत में निगरानी की और बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सूचना प्रशासन को दी। ग्राम पंचायत में जरूरतमंद 50 परिवारों के घरों तक राशन भी पहुंचाया गया। कोरोना योद्धाओं पुलिस कर्मियों को मास्क, सैनिटाइजर और ग्लब्स देकर मनोबल बढ़ाया गया। पूरे गांव को सोडियम हाइपोक्लोराइट और ब्लीचिंग पाउडर से छिड़काव कर सैनिटाइज कराया।

सफाई कर्मियों से सड़कों, मोहल्लों में सफाई करायी गई। गांव में परचून और सब्जी फलों की दुकानों पर रेट लिस्ट लगवाने के साथ ही फिजिकल डिस्टेंस को गोले बनवाए गए। वहीं, सस्ते गल्ले की दुकान से पूरी पारदर्शिता के साथ पात्रों में राशन वितरित कराया गया। मस्जिद कमेटियों को नमाज घर पर ही अता करने के लिए जागरूक किया।

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केदारवाला की ग्राम प्रधान तबस्सुम इमरान ने बताया कि अधिकांश कार्य पूर्व ग्राम प्रधान इमरान खान के कार्यकाल में शुरू कराये गए थे, जिनको आगे बढ़ाने का कार्य किया। अब हम बेहतर सुविधाएं ग्रामीणों को दे पा रहे हैं, इसमें चाहे पेयजल, सड़क, सफाई, उद्यान के विषय हों या अन्य बिंदु ग्राम पंचायत का कायाकल्प किया जा रहा है। एकमात्र पंचायत है जिसे यह पुरस्कार मिला है, इससे बेहद खुशी हुई।

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Posted By: Raksha Panthari

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