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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CBSE Board: परीक्षा परिणाम नहीं सुधरा, तो खत्म होगी स्कूलों की मान्यता

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Sun, 19 Jul 2020 07:59 PM (IST)

CBSE Board सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय ने परिणाम में निचले पायदान पर रहने के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है।

CBSE Board: परीक्षा परिणाम नहीं सुधरा, तो खत्म होगी स्कूलों की मान्यता
CBSE Board: परीक्षा परिणाम नहीं सुधरा, तो खत्म होगी स्कूलों की मान्यता

देहरादून, जेएनएन। सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय ने परिणाम में निचले पायदान पर रहने के कारणों की पड़ताल शुरू कर दी है। साथ ही बोर्ड ने जिन स्कूलों का परिणाम अगले तीन साल में नहीं सुधरा, उनपर ज्यादा से ज्यादा जुर्माना लगाने के साथ ही मान्यता खत्म करने का प्रस्ताव भी हेडक्वार्टर भेजने का फैसला किया है। 

देहरादून रीजन के निजी स्कूल बोर्ड परीक्षा परिणाम में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। इन स्कूलों की समीक्षा क्षेत्रीय दफ्तर की ओर से समीक्षा शुरू हो गई है। शनिवार को क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्रधानाचार्य और संचालकों के नाम पत्र जारी कर स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए। बताया कि तीन सालों तक अगर किसी स्कूल के परिणाम में सुधार नहीं होता है तो अधिकतम पांच लाख रुपये जुर्माना और इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर मान्यता खत्म करने तक का प्राविधान है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ निजी स्कूलों के खराब परिणाम के कारण रीजन राष्ट्रीय पासिंग औसत तक भी नहीं पहुंच सका। जबकि सरकारी और केंद्र के स्कूल इसमें लगातार सुधार कर रहे हैं। 

परिणाम पर निजी स्कूल कर रहे गुमराह

सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी होने के बाद से निजी स्कूलों की कारस्तानी भी शुरू हो गई है। ये स्कूल परिणाम के नाम पर अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं। वाहवाही बटोरने के लिए स्कूलों द्वारा अपनाए जा रहे हथकंड़ों की शिकायत सीबीएसई क्षेत्रीय दफ्तर से भी की गई है। क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि अभिभावकों को गुमराह करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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इसके लिए हेडक्वार्टर को लिखा जा रहा है। बताया कि कुछ स्कूलों द्वारा छात्रों के परिणाम में मुख्य विषय ना जोड़कर, जिन विषयों में ज्यादा अंक हैं, केवल वही पांच विषय जोड़कर परिणाम दिखाया जा रहा है। अभिभावकों द्वारा इसके संबंध में दफ्तर में लगातार फोन भी आ रहे हैं।

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