ऋषिकेश, जेएनएन। मुनिकीरेती के प्रसिद्ध मधुबन आश्रम संचालकों के विरुद्ध इस्कॉन न्यू वृंदावन ईस्ट ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मुनिकीरेती के थाना प्रभारी निरीक्षक आरके सकलानी ने बताया कि ट्रस्ट के ट्रस्टी आरके माहेश्वरी, डॉ. रवि खांतहार, हेमंत ठाकुर और रविंद्र मल्ल्या ने तहरीर दी है। बताया है कि कैलाश गेट स्थित मधुबन आश्रम इस्कॉन न्यू वृंदावन ईस्ट ट्रस्ट की पंजीकृत संपत्ति है। इस संपत्ति का रखरखाव ट्रस्ट के न्यासी बोर्ड के अधिकार के अधीन है। न्यासी बोर्ड द्वारा 1989 में नियुक्त ट्रस्टी भक्ति योग स्वामी की 12 अप्रैल 2017 को मृत्यु हो गई थी। जिसके पश्चात् आश्रम के कर्मचारी प्रेम प्रकाश राणा ने स्वयं को आश्रम का स्वामी घोषित कर दिया। जिसे न्यासी बोर्ड की स्वीकृति प्राप्त नहीं थी।

प्रेम प्रकाश राणा और उसके सहयोगी हर्ष कुमार कौशल, राजू बजाज, ओम प्रकाश राणा और उनके अन्य साथियों के द्वारा मंदिर से प्राप्त होने वाली दान की धनराशि का लगातार गबन किया जा रहा है। गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट से होने वाली आमदनी को ट्रस्ट के खाते में जमा ना कर निजी खाते में जमा किया जा रहा है। ट्रस्टियों का यह भी आरोप है कि प्रेम प्रकाश राणा द्वारा आश्रम के चालक सुनील शर्मा के साथ षड्यंत्र कर स्वयं को इस आश्रम का व्यवस्थापक घोषित किया गया है और आश्रम की संपत्ति का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है।

तहरीर के आधार पर प्रेम प्रकाश राणा उर्फ परमानंद दास,हर्ष कुमार, राजू बजाज, ओम प्रकाश राणा और सुनील शर्मा के विरुद्ध अमानत में खयानत धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत करते हुए जांच प्रारंभ कर दी गई है।

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Posted By: Sunil Negi