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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आरएसएस से जुड़े प्रसिद्ध शिक्षाविद् बुद्धदेव शर्मा का निधन Dehradun News

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Published: Tue, 25 Feb 2020 07:42 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 26 Feb 2020 09:16 AM (GMT+05:30)

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आरएसएस से जुड़े प्रसिद्ध शिक्षाविद् बुद्धदेव शर्मा का निधन Dehradun News
आरएसएस से जुड़े प्रसिद्ध शिक्षाविद् बुद्धदेव शर्मा का निधन Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं समाजसेवी डॉ. बुद्धदेव शर्मा का निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार थे और दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनका शव हरिद्वार स्थित संस्कृत भारती के प्रांत कार्यालय पर अंतिम दर्शन को रखा गया। हरिद्वार में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

संस्कृत भारती के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. संजू प्रसाद ध्यानी ने बताया कि डॉ. बुद्धदेव शर्मा का जीवन संस्कृति, संस्कृत एवं समाज के लिए समर्पित था। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर अध्यक्ष देहरादून के पद पर लंबे समय तक कार्य करते हुए शिक्षा के प्रति जनजागरण किया। 1998 में संस्कृत भारती के प्रांत संयोजक का दायित्व संभालते हुए उत्तराखंड में संस्कृत संभाषण आंदोलन का नेतृत्व किया। 

2002 से लेकर 2017 तक वे संस्कृत भारती के प्रांत अध्यक्ष रहे। संस्कृत के लिए किए गए योगदान के फलस्वरूप उन्होंने 2008 से 2012 तक उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के सचिव के रूप में काम किया। वे प्रसिद्ध संस्कृत कवि गीतकार एवं संपादक भी थे। दूरदर्शन, आकाशवाणी एवं पत्र-पत्रिकाओं में उनके गीत, आलेख एवं शोधपत्र प्रकाशित होते रहते थे।

दूरदर्शन पर उनके संस्कृत गीत बहुत चर्चित हुए। वे उत्तराखंड से प्रकाशित होने वाले एकमात्र संस्कृत पाक्षिक समाचार पत्र वाक् के संस्थापक संपादक थे। जीवन के आरंभिक दिनों में ही आरएसएस से जुड़े होने के कारण वे अनेक सामाजिक सास्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। 1972 में इमरजेंसी के दौरान वे जेल भी गये थे। वह देहरादून के प्रतिष्ठित मंगलादेवी इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल भी रहे।

वर्तमान समय में वे संस्कृत भारती के पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र संयोजक के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। वह अपने पीछे पत्नी, तीन विवाहित पुत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनका पार्थिव शरीर हरिद्वार स्थित संस्कृत भारती के प्रांत कार्यालय पर अंतिम दर्शन को रखा गया। इसके बाद अन्त्येष्टि सतीघाट कनखल में की गई।  

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बड़ी बेटी और दामाद ने दी मुखाग्नि 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रसिद्ध शिक्षाविद व समाजेसवी डॉ. बुद्धदेव शर्मा का अंतिम संस्कार बुधवार को कनखल श्मशान घाट पर किया गया। उनकी बड़ी बेटी मैत्रेयी व दामाद राजेश उपाध्याय ने उनको मुखाग्नि दी। वहीं, उनकी दूसरी पुत्री प्रियंवदा पति तुषारकांत शर्मा, छोटी बेटी शालिनी पति संदीप बडोनी और बुद्धदेव शर्मा के छोटे भाई मोहन स्वरूप भी श्मशान घाट पर मौजूद रहे। 

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