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    ऋषिकेश के खदरी-खड़कमाफ में भालू की दस्तक, सीसीटीवी में कैद हुई घटना से दहशत

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 02:00 PM (IST)

    ऋषिकेश के खदरी-खड़कमाफ गांव में भालू ने दस्तक दी, जिसकी पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। भालू घरों के आंगन और गलियों में घूमता दिखा, जिससे ग्रामीणों ...और पढ़ें

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    ऋषिकेश के खदरी-खड़कमाफ गांव में भी भालू ने दस्तक दी है। Concept Photo

    संवाद सूत्र, जागरण रायवाला। पहाड़ी क्षेत्रों में पसरे भालू के आतंक के बीच अब ऋषिकेश के खदरी-खड़कमाफ गांव में भी भालू ने दस्तक दी है। भालू गुलजार फार्म व दिल्ली फार्म मोहल्ले में कई घरों के गेट से कूदकर आंगन व आसपास गलियों में घूम रहा है। जिसकी पूरी वीडियो मोहल्ले में लगे सीसीटीवी में कैद हुई है। जिसमें दिखाई दे रहा है कि सुबह करीब चार बजे भालू एक घर की चारदीवारी फांदकर सीधे आंगन में जा पहुंचा। फिर वह कूदकर बाहर आया। गली में घूमा, फिर दूसरे घर के गेट पर चढ़ा तो भालू के वजन से ही गेट खुल गया।

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    वहीं, वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण विनोद चौहान, अमित रावत आदि ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद ऋषिकेश रेंज से मौके पर पहुंची टीम से सर्च अभियान चलाया। हालांकि तब तक भालू जंगल की ओर जा चुका था। वन कर्मियों के मुताबिक क्षेत्र में निगरानी शुरू कर दी गयी है।

    खतरे की आहट से सहमे लोग

    इन दिनों जिस तरह पहाड़ी क्षेत्र में भालू के लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं, उसके बाद अब ऋषिकेश के मैदानी क्षेत्र में भी भालू की दस्तक से लोग भयभीत हैं। घनी आबादी वाले खदरी गांव में नौकरी पेशा वर्ग और लोग रोजमर्रा के काम लोग देर रात तक आना-जाना करते हैं। इस क्षेत्र में हाथी और गुलदार का मूवमेंट भी अक्सर बना रहता है। ऐसे में ग्रामीणों ने जंगली जानवरों की रोकथाम के कारगर उपाय करने की मांग की है।

    चीला व गौहरी रेंज में मौजूद है भालू

    ऋषिकेश के ग्रामीण क्षेत्र से लगे राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज व गौहरी रेंज में भालू की मौजूदगी है। हालांकि अब तक इसके आबादी क्षेत्र की तरफ आने के कम ही मामले सामने आए हैं। माना जा रहा है कि बुधवार तड़के खदरी में दिखाई दिया भालू चीला रेंज से गंगा पार कर गांव की तरफ आया।

    चीला के मैदानी क्षेत्र में भालू मौजूद है। शीतकाल में लंबे समय के लिए नींद में जाने से पहले भालू काफी मात्रा में भोजन करता है। सम्भवतः खाने की तलाश में वह आबादी क्षेत्र की तरफ चला गया होगा। - चित्रांजली नेगी, सहायक वन संरक्षक राजाजी टाइगर रिजर्व देहरादून।

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