यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ayushman Card बंद करवाना है तो परेशान होने की जरूरत नहीं, अब घर बैठे चुटकियों में होगा ये काम
Ayushman Card Deactivation अब आयुष्मान कार्ड बंद करवाने के लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्राधिकरण ने ...और पढ़ें

HighLights
- स्वास्थ्य मंत्री ने किया कार्ड डिसेबल एंड इंप्लीमेंटेशन ई आफिस का शुभारंभ
- बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए दिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश
जागरण संवाददाता, देहरादून । Ayushman Card Deactivation: आयुष्मान कार्ड डिसेबल (बंद) करने के लिए अब लोगों को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्राधिकरण के कार्ड डिसेबल एंड इंप्लीमेंटेशन ई आफिस की शुरुआत कर दी है। जिसके जरिए यह काम अब आनलाइन होगा।
कार्ड डिसेबल एंड इंप्लीमेंटेशन ई आफिस का शुभारंभ
स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने शनिवार को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के कार्यालय में कार्ड डिसेबल एंड इंप्लीमेंटेशन ई आफिस का शुभारंभ किया। इससे बड़ी संख्या में लोगों को कार्ड बंद कराने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
इन योजनाओं का लााभ लेने के लिए बंंद करना पड़ता है आयुष्मान कार्ड
दरअसल ईएसआई, सीजीएचएस, गोल्डन कार्ड या किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को पहले आयुष्मान कार्ड बंद करना पड़ता है। लेकिन आनलाइन व्यवस्था न होने से लोगों को प्राधिकरण के चक्कर काटने पड़ते हैं।जिसमे काफी वक्त लगता है। ऐसे में अब राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से कार्ड डिसेबल एंड इंप्लीमेंटेशन ई आफिस तैयार किया गया है जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

70 साल से अधिक उम्र के लोगों के बिना केवाईसी बनेगा कार्ड
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में 70 साल से अधिक उम्र के नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के कार्ड अब बिना राशन कार्ड, केवाईसी के बनने हैं। ऐसे में अधिक से अधिक पात्र लोगों को इसका लाभ दिया जाए।
बुजुर्गों को ज्यादा महसूस होती है आयुष्मान कार्ड की जरूरत
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड की जरूरत ज्यादा महसूस होती है। ऐसे में सभी जिलों में इसके लिए विशेष अभियान शुरू किया जाए। इस अवसर पर प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी, सीईओ आनन्द श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार, डा वीएस टोलिया, अपर निदेशक अतुल जोशी आदि मौजूद रहे।
ग्रेच्युटी, नकदीकरण का लाभ नहीं मिलने पर रोष
कोटद्वार: सेवानिवृत्त के वर्षों बाद भी ग्रेच्युटी, नकदीकरण, ग्रेड-पे सहित अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिलने पर सहाकारी समितियों के सेवानिवृत्त सचिवों ने रोष व्यक्त किया है। कहा कि लगातार शिकायत के बाद भी उनकी अनदेखी की जा रही है। समस्या के सबंध में समितियों से सेवानिवृत्त सचिवों की बैठक आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि दस वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें ग्रेच्युटी, नकदीकरण, ग्रेड-पे का एरियार, एसीपी का लाभ नहीं दिया गया है।
जबकि, पांचवे व छठवे वेतन एरियर का भी अब तक भुगतान नहीं किया गया है। यही नहीं बिना वरिष्ठता के आधार पर उनका भुगतान किया जा रहा है। जो नियमानुसार गलत है। सचिवो ने जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियों व सचिव महाप्रबंधक जिला सहकारी बैंक पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाया। इस मौके पर कमलेश्वर प्रसाद बूडाकोटी, सुबोध प्रकाश देवरानी आदि मौजूद रहे।