जागरण संवाददाता, देहरादून: Ankita Murder Case : अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में उत्तराखंड बंद का गढ़वाल मंडल में मिलाजुला असर देखने को मिला। बंद का सबसे ज्यादा असर मंडल के पौड़ी (मृतक अंकिता के गृहक्षेत्र और आसपास), चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद में दिखा। यहां पूरा दिन अधिकांश बाजार बंद रहे। चारधाम यात्रा मार्ग पर भी कई जगह बाजार बंद रहे।

टिहरी, उत्तरकाशी, दून में कुछ बाजार खुले रहे तो कुछ बंद

गढ़वाल के अन्य जिलों टिहरी, उत्तरकाशी और देहरादून में कुछ बाजार खुले रहे तो कुछ बंद। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने बंद के दौरान प्रदर्शन कर सरकार से अंकिता को न्याय दिलाने की मांग की। देहरादून में अंकिता के हत्यारों के लिए फांसी की सजा और प्रकरण की सीबीआइ जांच कराने की मांग को लेकर 14 संगठनों ने गांधी पार्क में सुबह 10 बजे से दोपहर ढाई बजे तक धरना दिया। उधर, कुमाऊं मंडल में बंद का आंशिक असर देखने को मिला। वहां हल्द्वानी, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर, चंपावत, बनबसा, काशीपुर में ही दोपहर तक कुछ दुकानें बंद रही।

गोपेश्वर, कर्णप्रयाग और जोशीमठ में पूरा दिन बाजार बंद

रविवार को वैसे तो प्रदेश के अधिकांश बाजार साप्ताहिक अवकाश के चलते बंद रहते हैं। लेकिन, दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल, उत्तराखंड महिला मंच समेत कुछ अन्य राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में बंद का एलान किया था। इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में चमोली में जिला मुख्यालय समेत गोपेश्वर, कर्णप्रयाग और जोशीमठ में पूरा दिन बाजार बंद रहे। बदरीनाथ धाम और आसपास के क्षेत्र में बंद का मिलाजुला असर रहा। बदरीनाथ में माउंटेन ट्रैक्स के दल ने भी उत्तराखंड बंद का समर्थन किया।

सरकार से अंकिता हत्याकांड में शीघ्र न्याय की अपील

सतोपंथ जा रहे इस दल के नेतृत्वकर्ता राहुल मेहता ने कहा कि आमजन को देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए उन्होंने सरकार से अंकिता हत्याकांड में जल्द से जल्द न्याय दिलाने की अपील की। पौड़ी जिले में मृतक अंकिता के गृहक्षेत्र यमकेश्वर ब्लाक समेत श्रीनगर, थलीसैंण, कोटद्वार और पाबों में 90 प्रतिशत दुकानें बंद रहीं। हालांकि, जिले के अन्य क्षेत्रों में बंद का ऐसा असर नहीं दिखा।

अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआइ से करवाई जाए

देहरादून में भी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए लोग मुखर दिखे। जिले में तमाम व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। वहीं, गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन कर सरकार से पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की गई। सुबह करीब नौ बजे से उत्तराखंड क्रांति दल और कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के कार्यकर्त्ता गांधी पार्क में एकत्र होने शुरू हो गए थे। इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल के प्रवक्ता शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि सरकार पर प्रदेश की जनता को विश्वास नहीं है। अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआइ से करवाई जाए।

उधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने प्रेस बयान जारी कर गढ़वाल से कुमाऊं तक पूरी तरह बाजार बंद रहने का दावा किया। माहरा ने कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच के लिए यह प्रकरण सीबीआइ को सौंप दे, तभी अंकिता के परिवार को न्याय मिलेगा।

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मसूरी में दोपहर 12 बजे तक बंद रहे बाजार

अंकिता हत्याकांड के विरोध, अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने व अभियुक्तों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग को लेकर मसूरी के व्यापारियों ने दो अक्टूबर को दोपहर बारह बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।

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Edited By: Nirmala Bohra

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