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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ankita Murder Case : मेरठ में मिली वनन्‍तरा रिसॉर्ट से लापता बताई जा रही प्रियंका, पुलिस को बताया सच

By Soban singhEdited By: Nirmala Bohra
Published: Mon, 26 Sep 2022 02:25 PM (IST)

Ankita Murder Case पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि प्रियंका के गायब होने की सूचना आ रही थी जिसके ...और पढ़ें

Ankita Murder Case : पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार। फाइल फोटो
Ankita Murder Case : पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार। फाइल फोटो

टीम जागरण, देहरादून : Ankita Murder Case : जब अंकिता हत्‍याकांड का मामला सामने आया तो स्‍थानीय लोगों ने रिसॉर्ट में काम करने वाली एक और युवती प्रियंका के लापता होने की बात कही थी। जो सरासर गलत निकली।

पुलिस ने प्रियंका से संपर्क किया तो मामले का सच सामने आ गया। प्रियंका लापता नहीं थी। वह मेरठ में अपने परिवार के साथ रहती है। प्रियंका ने एक माह तक वनन्‍तरा में नौकरी की। जिसके बाद सैलरी कम होने के कारण उसने नौकरी छोड़ दी।

वेतन कम होने के कारण छोड़ी थी नौकरी

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि प्रियंका के गायब होने की सूचना आ रही थी, जिसके बारे में जानकारी जुटा ली गई है। उसने वेतन कम होने के कारण नौकरी छोड़ी थी।

वहीं पौड़ी पुलिस ने इस मामले में कहा है कि कुछ मीडिया ग्रुप, सोशल प्लेटफार्म के माध्यम से वनन्‍तरा रिसॉर्ट में काम करने वाली प्रियंका को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं। जिस बारे में एडीडी एसपी शेखर चंद्र सुयाल ने कहा है कि प्रियंका से बात हो गई है।

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उसने एक माह तक रिसॉर्ट में काम किया था। लेकिन उसे यहां पर सैलरी कम मिल रही थी। जिस कारण वह अपनी मर्जी से जॉब छोड़ कर चली गई थी। उसने बताया कि उसे किसी के द्वारा भी कोई दबाव या परेशान नहीं किया गया

सत्ता की हनक में चूर रहा पुलकित, लाकडाउन में पहुंच गया उर्गम घाटी

वहीं पिता की सत्ता की हनक में चूर रहने वाला पुलकित वर्ष 2020 में लाकडाउन के दौरान भी अपनी हनक दिखा चुका है। उस समय किसी को भी बिना आपात स्थिति के घर से बाहर निकलने की मनाही थी, तब पुलकित अपने दोस्तों के साथ बिना पास के जोशीमठ की उर्गम घाटी पहुंच गया था।

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लाकडाउन में कोई न रोके, इसलिए वह पिता की उत्तराखंड सरकार के लोगो वाली कार लेकर गया था। अंकिता हत्याकांड के बाद भाजपा से निकाले गए पुलकित के पिता विनोद आर्या उस समय त्रिवेंद्र सरकार में दायित्वधारी थे। जब उर्गम घाटी के ग्रामीणों ने पुलकित और उसके दोस्तों के लाकडाउन में घूमने का विरोध किया तो वह मंत्री पुत्र होने की धौंस दिखाने लगा।

ग्रामीणों ने इसकी शिकायत राजस्व पुलिस से की थी। राजस्व पुलिस पुलकित और उसके दोस्तों को पकड़कर चौकी ले आई थी। इसके बाद लाकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के लिए पुलकित और उसके दोस्तों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।