विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा: धरनास्थल पर अनशनकारी की तबीयत बिगड़ी, अनशन जारी

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Published: Fri, 06 Mar 2020 11:42 AM (IST)

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा दोबारा कराने की मांग को लेकर बेमियादी अनशन पर बैठे उत्तराखंड बेरोजगार संगठन के संरक्षक की अचानक तबीयत बिगड़ गई।

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा: धरनास्थल पर अनशनकारी की तबीयत बिगड़ी, अनशन जारी
फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा: धरनास्थल पर अनशनकारी की तबीयत बिगड़ी, अनशन जारी

देहरादून, जेएनएन। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा दोबारा कराने की मांग को लेकर बेमियादी अनशन पर बैठे उत्तराखंड बेरोजगार संगठन के संरक्षक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस और चिकित्सक मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य की जांच करने के बाद दवा दी। साथ ही जांच के लिए खून का सैंपल भी लिया। कुछ देर बाद उनकी तबीयत में सुधार हो गया। इसके बाद उन्होंने अनशन जारी रखा।

परेड ग्राउंड स्थित धरनास्थल पर उत्तराखंड बेरोजगार संगठन के बैनर तले दर्जनों युवक बीते दिनों हुई फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को निरस्त कर इसके दोबारा आयोजन की मांग को लेकर 21 दिन से धरना दे रहे हैं। मांग पर कार्रवाई न होती देख मंगलवार को संगठन के संरक्षक पीसी पंत, अध्यक्ष बॉबी पंवार और सरिता नेगी बेमियादी अनशन पर बैठ गए थे। 

अनशन के दौरान पीसी पंत के पेट में तेज दर्द होने लगा। उनके साथियों ने तत्काल धरनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों को सूचना दी। कुछ ही देर में दून अस्पताल से चिकित्सकों की एक टीम मौके पर पहुंची और पीसी पंत की जांच की। इसके कुछ देर बाद पंत की तबीयत में सुधार हो गया। संगठन के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि सरकार उनकी मांग मान लेती तो बेरोजगारों को इस तरह आंदोलन नहीं करना पड़ता। 

आयोग के बाहर दिया धरना

उत्तराखंड बेरोजगार संगठन ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में हुई धांधली का विरोध करते हुए गुरुवार को रिंग रोड स्थित अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के कार्यालय के बाहर धरना दिया। युवाओं ने परीक्षा को रद कर 100 दिन के भीतर इसके दोबारा आयोजन की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो प्रदेश के हजारों युवा एक साथ सड़कों पर उतरेंगे। 

प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने सरकार पर भर्ती परीक्षा में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। करीब डेढ़ घंटे बाद आयोग के सचिव संतोष बडोनी से प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई। सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस संबंध में सरकार से शीघ्र वार्ता की जाएगी। इसपर युवाओं ने कहा कि बीती 17 फरवरी को भी आयोग के सचिव ने आश्वासन दिया था कि अगर पेपर लीक होने की पुष्टि हुई तो परीक्षा रद की जाएगी। लेकिन, अब तक इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया है। जबकि आठ लोगों को पुलिस दो मार्च को हरिद्वार से गिरफ्तार कर चुकी है। 

युवाओं ने नई विज्ञप्ति और कैलेंडर जारी करने की मांग की। इस मौके पर सुशील कैंतुरा, सरिता, मनीषा रमोला, कमलेश भट्ट, सुनील डोभाल, पंकज रावत, राजेंद्र सिंह, संतोष डोभाल, सुरेश, आशीष कैंतुरा, सबल चौहान, दीपा, शिखा कंडवाल, सतपाल चौहान, वंदना, प्रदीप दयाल, दीपक सिंह आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें: Forest guard recruitment Exam: उत्‍तराखंड में दोबारा कराई जाए वन आरक्षी भर्ती परीक्षा, पढ़िए पूरी खबर 

डीएलएड प्रशिक्षितों का धरना जारी

प्राथमिक स्कूलों में भर्ती की मांग को लेकर 'मिशन नियुक्ति' के तहत डीएलएड प्रशिक्षितों का धरना गुरुवार को भी जारी रहा। शत-प्रतिशत नियुक्ति की मांग कर रहे डीएलएड बैच 2017-19 के प्रशिक्षितों ने सुबह प्रार्थना के बाद प्रदर्शन शुरू किया। डीएलएड प्रशिक्षित दीपक चौधरी ने कहा कि शिक्षा विभाग और सरकार से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और डीएलएड बैच 2017-19 के हर प्रशिक्षित को नियुक्ति देने की मांग पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन में अमित शर्मा, बृजमोहन, मोहित कुमार, मुकेश चौहान, प्रमोद कुमार, दीक्षा राना, शिल्पी, पूजा चौहान, गुंजन रावत, ईशांत थापा, दीपिका ठाकुर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें: फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर रोजाना सामने आ रहे नए तथ्य