देहरादून, जेएनएन। प्रशासन की टीम ने बुधवार को राजपुर रोड पर एक होटल के अतिक्रमण को ढहा दिया। पिछले साल जब दूसरे चरण का अभियान चलाया गया था, तब होटल स्वामी की आपत्ति के बाद इसे छोड़ दिया गया था। इस पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद प्रशासन की टीम ने यहां अतिक्रमण को हटा दिया है। 

नायब तहसीलदार जसपाल राणा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने होटल दीपशिखा के अवशेष बाउंड्री व गेट से लेकर भवन के पास तक के फर्श के कुछ हिस्से को ध्वस्त कर दिया। नायब तहसीलदार ने बताया कि जिस भाग को ध्वस्त किया, वह सिंचाई विभाग की भूमि पर बना था। पिछले साल होटल स्वामी की आपत्ति के बाद मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई थी। 

अब कमेटी की रिपोर्ट में पाया गया कि 35 गुणा 58 फीट के जिस भाग पर लाल निशान लगा था, वह सिंचाई विभाग की भूमि पर ही बना है। लिहाजा, इस भाग को हटा दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा सकी है। जहां पूर्व में अतिक्रमण हटाए भी गए हैं, उन हिस्सों को दोबारा कब्जे की भेंट चढ़ाने के लिए वैसे ही छोड़ दिया गया है। कई स्थान ऐसे हैं, जहां के लाल निशान भी अब मिट चुके या धुंधले पड़ गए हैं।

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अतिक्रमण हटाओ अभियान 2018 में शुरू किया गया था। तब से लेकर अब तक अभियान तीन बार स्थगित किया गया। अब भी अभियान स्थगित ही है। राजपुर रोड पर ही आधे-अधूरे ढंग से अभियान चलाया गया। सिंचाई विभाग की भूमि पर बने एक हजार से अधिक निर्माण अभी भी खड़े हैं। जिन भवनों के अवैध हिस्से को हटाने के बाद सेटबैक गड़बड़ा गए हैं, वहां भी मशीनरी के कदम ठिठके हैं। अतिक्रमण हटाने के बाद जो सड़कें चौड़ी की गई, उनके वापस लिए हिस्से को पक्का भी नहीं किया जा सका।

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